उत्तरप्रदेश

मीडिया कम्युनिकेशन डिजिटल क्रांति और लेखक गांव की विशेषताओं पर रखे विचार

देहरादून, (न्यूज़ क्राइम 24) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित लेखक गांव में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महोत्सव 2026 में बिहार के वरिष्ठ पत्रकार एवं मानवाधिकार टुडे के संपादक डॉ. शशि भूषण कुमार को सम्मानित किया गया। वैशाली जिले के निवासी डॉ. कुमार ने महोत्सव के विभिन्न सत्रों में मीडिया कम्युनिकेशन, डिजिटल क्रांति, पत्रकारों की समस्याओं तथा लेखक गांव की विशेषताओं और महत्ता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित दूसरे सत्र में देश-विदेश से आए वरिष्ठ पत्रकारों, लेखकों और संपादकों ने मीडिया के बदलते स्वरूप, डिजिटल क्रांति तथा पत्रकारिता के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा की। इस सत्र में डॉ. शशि भूषण कुमार ने डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका और पत्रकारों की समस्याओं पर अपने विचार रखते हुए विभिन्न सुझाव दिए।

इस चर्चा में दूरदर्शन, अमर उजाला, दैनिक जागरण,मानवाधिकार टुडे, हेलो ढाका सहित देश-विदेश के मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नाइजीरिया समेत विभिन्न देशों से आए पत्रकारों एवं मीडिया विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।

राज्यपाल ने किया महोत्सव का उद्घाटन

अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के प्रथम दिन उत्तराखंड के राज्यपाल ने उद्घाटन किया। महोत्सव में इंग्लैंड, अमेरिका, कनाडा, थाईलैंड, नाइजीरिया और नॉर्वे सहित दुनिया के 60 देशों से आए लेखक, पत्रकार एवं अन्य प्रबुद्ध प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस अवसर पर लेखक गांव के संरक्षक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा लेखक गांव की निदेशिका डॉ. विदुषी ने अतिथियों का स्वागत किया।

लेखक गांव की विशेषताओं पर डॉ. शशि भूषण कुमार ने रखे विचार

महोत्सव के दूसरे दिन उद्घाटन सत्र के बाद सार्क जर्नलिस्ट फोरम एवं एशियन जर्नलिस्ट फोरम के तत्वावधान में आयोजित सत्र में डॉ. शशि भूषण कुमार ने लेखक गांव की विशेषताओं, सांस्कृतिक महत्ता और साहित्यिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए बिहार और लेखक गांव की विशेषताओं की तुलनात्मक व्याख्या की। उन्होंने साहित्य, संस्कृति, भाषा और विचारों के संरक्षण तथा इनके माध्यम से समाज को जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

डॉ. कुमार ने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता समाज को जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न देशों और संस्कृतियों के बीच संवाद तथा आपसी सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रीलंकाई प्रतिनिधि ने किया सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में बिहार के वैशाली निवासी वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शशि भूषण कुमार को स्मृति चिह्न, प्रमाणपत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान श्रीलंका से आई एक प्रतिनिधि के हाथों प्रदान किया गया।

महोत्सव के दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री ने किया। इस दौरान विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता और वैश्विक संवाद से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

डॉ. शशि भूषण कुमार की इस सहभागिता को बिहार, विशेषकर वैशाली की पत्रकारिता एवं सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

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