लोकसभा में सांसद रामकृपाल ने रेलवे से जुड़ी कई जन समस्याओं को पूरा कराने के लिए रेल मंत्री से की मांग

 लोकसभा में सांसद रामकृपाल ने रेलवे से जुड़ी कई जन समस्याओं को पूरा कराने के लिए रेल मंत्री से की मांग

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): सोमवार को लोकसभा में पाटलिपुत्र सांसद रामकृपाल यादव ने फुलवारी शरीफ रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर पास या ओवरब्रिज निर्माण,मसौढ़ी के रेलवे क्रॉसिंग पर बन्द रेल ओवर ब्रिज निर्माण कार्य चालू कराने , बिहटा औरंगाबाद रेलवे लाईन से जुड़ी कई जन समस्याओं को पूरा कराने के लिए रेल मंत्री से मांग करते हुए पुरजोर तरीके से आवाज उठाई है। उम्मीद है लोकसभा में पाटलिपुत्र सांसद रामकृपाल यादव की आवाज से अब इन योजनाओं को पूरा कराने में रेलवे तेजी लाएगी। बता दें कि फुलवारी शरीफ के टमटम पड़ाव से बेली रोड जगदेव पथ जाने वाली अतिव्यस्त मार्ग पर फुलवारी रेलवे क्रासिंग पर रोजाना दिन रात जाम की भीषण समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ रहा है । वैसे ही मसौढ़ी बाजार में तारेगना रेलवे क्रासिंग पर भी ओवरब्रिज नही रहने से पटना से गया और जहानाबाद आने जाने वालों को भयंकर जाम में फंसना पड़ता है । यहां रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है । सांसद ने पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में रेल यात्रा को और भी सुखद बनाने के लिए कई मांगों को सदन में प्रमुखता से रखा। तरेगना रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवर ब्रिज निर्माण कार्य बंद है। इसे शीघ्र शुरू कराने का अनुरोध रेल मंत्री पियूष गोयल से किया। बेहद ही व्यस्ततम फुलवारी रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कराने की मांग की। दानापुर व बिहटा स्टेशन पर वेटिंग लॉन्ज का निर्माण, तरेगना व बिहटा स्टेशन पर एस्क्लेटर का निर्माण एवं स्टेशन का सौंदर्यीकरण, पुनपुन स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज व वेटिंग हॉल का निर्माण एवं स्टेशन का सौंदर्यीकरण, बिहटा स्टेशन पर विक्रमशिला एक्स्रपेस व ब्रह्मपुत्रा मेल के ठहराव कराने का अनुरोध किया। गया-पटना रेलखंड पर पूर्व की भांति सभी हॉल्ट पर पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव की मांग की.

सोमवार को लोकसभा में रेल मंत्रालय के नियंत्राधीन मांगों के अनुदान पर पाटलिपुत्र से सांसद रामकृपाल यादव ने चर्चा की एवं मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला दुनिया का पहला रेल नेटर्वक बन जाएगा। भाजपा सरकार ने रेलवे में सुरक्षा व संरक्षा पर विशेष जोर दिया है। इससे रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है। पहले वोट बैंक को देखकर योजनाओं की घोषणा की जाती थीं। लेकिन, भाजपा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के विकास किया। साथ ही पुरानी लंबित योजनाओं का भी क्रियान्वयन कराया। इसी का उदाहरण है बिहटा-औरंगाबाद रेललाइन। मेरे अनुरोध पर इस रेलखंड के लिए 2007 में घोषणा और शिलान्यास का कार्य तो कर दिया गया। लेकिन, रेलखंड के निर्माण कार्य के लिए राशि आवंटित नहीं की गई। सदन में इस रेललाइन परियोजना का कार्य कराने की मांग की।

News Crime 24 Desk

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