4 साल में मासूम बच्ची इब्रा साजिद रिजवी ने रखा पहला रोजा तो दुआओं से परिवार वालों ने बढ़ाया हौसला 

फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): रमजान माह में छोटी उम्र के बच्चों में भी रोजे रखने का उत्साह देखा जा रहा है। चिलचिलाती धूप व तेज गर्मी के बाद भी बच्चे रोजे रखने में पीछे नहीं रह रहे हैं। चार वर्षीय इब्रा साजिद रिजवी ने रमजान का पहला रोजा रखा तो परिवार और रिश्तेदारों ने अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए मासूम को खूब दुआएं दी। रोजा रखने के साथ ही उसने वालिदा के साथ इबादत भी की। दोपहर बाद कमजोरी आने के बाद भी वालिदा के साथ काम में हाथ बंटाकर रोजा लगने के अहसास को दूर भगा दी.

हारून नगर सेक्टर वन के अल नूर मेंशन स्थित सय्यद साजिद रिजवी औऱ साजिया सदफ की चार वर्षीय बेटी  इब्रा साजिद रिजवी ने परिवार वालों के मना करने के बाद भी जिद करके अपना पहला रोजा रखा। होनहार और पढ़ाई के साथ ही धार्मिक किताबी ज्ञान में रुचि रखने वाली  इब्रा साजिद रिजवी ने 4 साल की कम उम्र में ही कुरआन की तिलावत भी करती है। घरवालों के कहना है कि वह दीनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी स्कूली पढ़ाई में भी अच्छा परफार्मेंस दिखाती है। कई दिन से रोजा रखने की जिद कर रही मासूम बच्ची इब्रा साजिद रिज़वी ने दोपहर तक का समय घर में ही गुजारा। दोपहर में उसने जौहर की नमाज अदा की तथा कुरआन शरीफ की तिलावत की। शाम के समय जोर से प्यास व भूख की शिद्दत दिखी तो कमजोरी का अहसास भी किया, लेकिन असर की नमाज अदा करने के बाद उसने घर में इफ्तारी बनाने में भी हाथ बंटाया। इब्रा के पहला रोजा रखने से परिवार व कोलोनी के लोगों में खुशी का माहौल रहा । मासूम बच्ची को सबने गिफ्ट और दुआओं से नवाजा और हौसला अफजाई की।