फुलवारी शरीफ़, अजीत। बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ एकटु संपतचक के द्वारा रसोईया के 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों के समर्थन में राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत मांग पत्र ज्ञापन सोपा गया. इस प्रदर्शन में शामिल लोग मध्य विद्यालय संपतचक से होते हुए हॉस्पिटल रोड प्रखंड कार्यालय के पास पहुंचा और सभा में तब्दील हो गया .प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य रसोईया संघ के महासचिव सरोज चौबे भाकपा माले प्रखंड सचिव सत्यानंद कुमार सुनीता देवी गुड़िया देवी लखपतिया देवी नीलम देवी रेखा देवी सोनी देवी रीता देवी संयुक्त रूप से की .रसोईयों ने अपनी आपबीती घटना को जिक्र की और कहा कि हम लोग को बात-बात में स्कूल से निकाल देने की धमकी दी जाती है खासकर प्राथमिक विद्यालय इलाही बाग में. उत्क्रमित मध्य विद्यालय भोगीपुर के रसोईया ने कहा कि हम लोग के साथ प्रधानाचार्य के व्यवहार सही नहीं है जिसे हम सब का सम्मान पर ठेस पहुंचता है .
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस पर जल्द से जल्द हम कार्रवाई करेंगे. मांग पत्र लेकर उन्होंने कहा कि हम अपने ऊपर आपकी मांगों को तत्काल भेजेंगे.
प्रदर्रशन में रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी 10 हजार करने, साल में 10 महीने के बजाय 12 महीने के वेतन भुगतान किया जाए,शिक्षा विभाग की अनिवार्य अंग बन चुकी विद्यालय रसोइयों को शिक्षा विभाग में चतुर्थ वर्ग की कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा स्कीम के तहत ₹3,000 पेंशन दिया जाए, हटाए गए रसोइयों को अभिलंब पुन बहाल किया जाए, रसोइयों को दुर्घटना बीमा व स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए,रसोइयों को मातृत्व अवकाश व अन्य विशेष अवकाश का लाभ दिया जाए, रसोइयों से अतिरिक्त काम ना करवाया जाए जैसे झाड़ू लगवाने व शौचालय में पानी डलवाना, सम्मान पूर्वक बर्ताव किए जाने की मांग की गई.
बिहार राज्य रसोईया संघ के महासचिव सरोज चौबे ने कहा की केंद्र के मोदी सरकार ने अपने 10 वर्षों के शासनकाल में रसोइयों को मानदेय में ₹1 भी नहीं बढ़ाया, हम इस कार्य को तीव्र निंदा करते हैं.यदि मांगे पूरी नहीं होगी तो आगे आंदोलन न सिर्फ तेज किया जाएगा अपितु हड़ताल भी की जाएगी .
