बिहार

हृदय की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करता है हाई पर टेंशन

अररिया, रंजीत ठाकुर। हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन हमारे हृदय की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. वैसे तो हाइपरटेंशन संपूर्ण सेहत के लिये हानिकारक माना जाता है. हृदय, किडनी, पाचन तंत्र, मस्तिष्क व आंखों की सेहत इससे प्रभावित होती है. यह हृदय के लिए रक्त को पंप करने की समस्या से लेकर मांसपेशियों पर दबाव व गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक कारण बन सकता है. सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर हृदय के लिए एक गंभीर खतरा है.

देश में हृदय संबंधी बीमारियों का मामला तेजी से बढ़ रहा है. बढ़ती उम्र, तनावपूर्ण जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार व शारीरिक निष्क्रियता इसके लिये प्रमुख रूप से जिम्मेवार हैं. हृदय संबंधी रोगों से बचाव के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लिये जिले में 29 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जिले में नि:शुल्क जांच व चिकित्सा परामर्श पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है. ताकि समय रहते लोगों को हृदय रोग के खतरों से बचाया जा सके.

12.1 फीसदी महिला व 15.8 फीसदी पुरूष गंभीर बीपी के शिकार

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एनएफएचएस के आंकड़ों के मुताबिक जिले के 15 साल या इससे अधिक उम्र की 05 पांच फीसदी महिलाएं बीपी की सामान्य समस्या से ग्रसित हैं। वहीं 2.9 फीसदी महिलाएं मध्यम व 12.1 फीसदी महिलाएं गंभीर रूप से बीपी की समस्या की शिकार हैं। वहीं इसी उम्र के पुरुषों में 8.9 फीसदी पुरुष सामान्य बीपी, 3.1 फीसदी मध्यम व 15.8 फीसदी गंभीर रूप से बीपी के शिकार हैं।

हृदय की सेहत को प्रभावित करता है हाईपरटेंशन
सिविल सर्जन ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर सबसे पहले हमारी धमनियों के क्षति पहुंचाता है. इससे धमनियों की लोच कम होने लगती है. इससे हृदय में रक्त व ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है. उच्च रक्तचाप के कारण हृदय पर पड़ने वाला दबाव हृदय की मांसपेशियों को कमजोर बना देता है. इसके कारण हृदय संबंधी गंभीर रोग व इससे संबंधित जटिलताओं का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप हृदय की नियमित लय को प्रभावित करता है. ऐसी स्थिति में हमारा हृदय बहुत तेज या फिर कम गति से धड़कने लगता है. दिल के धड़कनों की अनियमित गति के कारण हृदय के हृदय संबंधी गंभीर रोग व हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है.

लक्षण दिखे तो तत्काल बीपी जांच व इलाज जरूरी
अक्सर सांस फूलना, शारीरिक गतिविधियों के साथ इसका बढ़ जाना उच्च रक्तचाप के लक्षण हो सकते हैं. जानकारी देते हुए सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उक्त लक्षण हृदय की सेहत खराब होने का संकेत हैं. बिना किसी वजह के थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधली दृष्टि भी हाई पर टेंशन का संकेत हैं. ऐसी दिक्कतें आने पर तुरंत ब्लड प्रेशर की जांच व इलाज जरूरी होता है. उच्च रक्तचाप की वजह से हृदय में रक्त का प्रवाह कम जाता है. इससे सीने में दर्द के साथ असहजता, दबाव जैसा महसूस हो सकता है. इस तरह के लक्षण हार्ट अटैक की स्थिति में भी होते हैं. इसलिये इस तरह की दिक्कतों को कभी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिये.

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