बिहार

बिहार पुलिस मुख्यालय में लिवर हेल्थ और प्रोस्टेट कैंसर पर स्वास्थ्य परिचर्चा, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

फुलवारीशरीफ, अजित। बिहार पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन स्थित ऑडिटोरियम में शुक्रवार को जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना और बिहार पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में लिवर हेल्थ एवं प्रोस्टेट कैंसर विषय पर स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, लिवर रोगों तथा पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार थे. इस अवसर पर एडीजी संजय कुमार, मेदांता पटना के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. आशीष कुमार झा, यूरोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. सतीश कुमार रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है. लंबे कार्य घंटे, मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खानपान और समय पर चिकित्सकीय परामर्श पुलिस बल की कार्यक्षमता और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक है. उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को पुलिसकर्मियों के हित में उपयोगी पहल बताया।

मेदांता पटना के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा कि अस्पताल की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही सलाह से कई गंभीर बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. आशीष कुमार झा ने लिवर स्वास्थ्य पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, शराब से संबंधित लिवर रोग और अनियमित जीवनशैली से होने वाली समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि लिवर की बीमारियां अक्सर शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देतीं, इसलिए नियमित जांच कराना जरूरी है. उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और नशे से दूरी को लिवर को स्वस्थ रखने का मूल मंत्र बताया।

यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार रंजन ने प्रोस्टेट कैंसर और पुरुष स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए कहा कि 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति विशेष रूप से सजग रहना चाहिए. बार-बार पेशाब आना, पेशाब में रुकावट, रात में कई बार उठना या पेशाब में खून आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से प्रोस्टेट कैंसर के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. उन्होंने पुरुषों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने और जांच कराने में संकोच नहीं करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के सवालों के जवाब भी दिए. प्रश्नोत्तर सत्र में लिवर स्वास्थ्य, प्रोस्टेट संबंधी बीमारियों, नियमित स्क्रीनिंग और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. साथ ही “सोचो मत, बात करो” जागरूकता अभियान और फाइब्रोस्कैन सुविधा की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के अंत में एडीजी संजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि जागरूकता, नियमित जांच और समय पर उपचार से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. मेदांता पटना की ओर से भी भविष्य में ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की बात कही गई।

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