राज्यपाल फागू चैहान ने किया पांचवे गोफकॉन सम्मलेन का उद्घाटन

पटना: ग्लोबल ऑर्थोपेडिक फोरम एवं बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय गोफकॉन सम्मलेन का आयोजन पटना के होटल मौर्या में किया गया। सम्मलेन का शुभारंभ मुख्य अतिथि व उद्घाटनकर्ता बिहार के माननीय राज्यपाल श्री फागू चैहान के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बी शिवशंकर उपस्थित हुए जबकि नेशनल फैकल्टी में डॉ. एन के मंगू, डॉ. जॉन मुखोपाध्याय, डॉ. डी पी भूषण, डॉ. महेंद्र कूडचाडक, डॉ. अजय कुमार, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. अमिताभ मुखर्जी, डॉ. ए के पाल, डॉ मनोज पद्मन, डॉ. एम अजीथ कुमार, डॉ. राजीव वोहरा, डॉ. अलोक अग्रवाल, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. अमित अजगाओंकर, डॉ. एस सामंता, डॉ. अभय नेने, डॉ. साकेत जती, डॉ. राजीव ठुकराल, डॉ. विवेक वर्मा व डॉ. राजीव रमन जैसे देश के वरिष्ठ हड्डी विशेषज्ञ शामिल हुए। इसके पश्चात आयोजन समिति के सदस्य डॉ. अमूल्य कुमार सिंह एवं डॉ. रमित गुंजन ने सभी आगत अतिथिओं का स्वागत किया.

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल श्री फागू चैहान ने ग्लोबल ऑर्थोपेडिक फोरम एवं बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन को पटना में इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन कराने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मलेन के माध्यम से चिकित्सकों के साथ हड्डी से संबंधित बिमारिओं से जूझ रहे लोगों को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है की इस सम्मलेन में विशेषज्ञ हड्डी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा करेंगे ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके। मैं इस आयोजन के सफलता के लिए सभी चिकित्सकों को दिल से धन्यवाद देता हूँ।वहीँ इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बी शिवशंकर ने इस सम्मलेन में शामिल होने पर देशभर के चिकित्सकों को धन्यवाद दिया.

उन्होंने सम्मलेन में शामिल हुए चकित्सकों को हड्डी से जुड़ी बिमारिओं का कैसे सही तरीके से ईलाज करें इसपर विस्तारपूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने हड्डी रोग के ईलाज में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों के बारे में भी अपने विचार साझा किये। वहीँ मंगलोर से आए डॉ. अजीथ ने चिकित्सकों को सम्बोधित करते हुए इस बात का खंडन किया की पुराने फ्रैक्चर कैंसर में नहीं बदलते हैं। सम्मलेन में शामिल हुए डॉ. अमित रस्तोगी ने आधुनिक तकनीकों के बारे में अपने विचार साझा किये। उन्होंने कहा कि अगर मरीज को हड्डी से संबंधित बीमारी है तो इधर – उधर भटकने कि वजाय उन्हें किसी अच्छे हड्डी विशेषज्ञ से सलाह लेकर ईलाज करना चाहिए। वहीं डॉ. अभय नेने ने स्पाइनल टीबी पर विस्तार रूप से जानकारी दी.

कार्यक्रम में उपस्थित आयोजन सचिव डॉ. अमूल्य कुमार सिंह ने बताया कि आज हड्डी से जुड़ी विभिन्न विषयों पर आधारित 9 सेसन की गई जिसमें विशेषज्ञों ने अपनी बातों को रखा. वहीं संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. रमित गुंजन ने बताया कि कल भी 6 सेसन होगा जिसमें विशेषज्ञ अपनी बातों को सबके सामने रखेंगे।