बिहार

शेखपुरा में अब घर-दुकान में 4 रंग के डस्टबिन जरूरी, कूड़ा जलाने पर लगेगा स्पॉट फाइन

शेखपुरा, उमेश कुमार : जिले को स्वच्छ बनाने के लिए अब हर घर, दुकान और संस्थान को कूड़ा 4 रंग के डस्टबिन में अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

नए नियमों के 6 बड़े पॉइंट:

Advertisements
Ad 1
  1. 4 रंग के डस्टबिन:
  • हरा: गीला कूड़ा – फल-सब्जी के छिलके, बचा खाना
  • नीला: सूखा कूड़ा – प्लास्टिक, कागज, कांच, धातु
  • लाल: सैनिटरी कचरा – डायपर, सैनिटरी पैड, अलग थैली में पैक करना जरूरी
  • काला: हानिकारक कचरा – पुरानी दवाइयां, पेंट के डिब्बे, बल्ब
  1. बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान: 100 kg/दिन से ज्यादा कचरा या 20,000 वर्ग मीटर से बड़े परिसर वाले संस्थान अब ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ कहलाएंगे। इन्हें केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
  2. गीले कचरे का निपटारा खुद करें: बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने परिसर में ही कम्पोस्टिंग या बायोगैस प्लांट से गीला कचरा प्रोसेस करना होगा। हर साल 30 जून तक वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी।
  3. कूड़ा जलाना अब अपराध: ‘प्रदूषक भरे’ सिद्धांत के तहत कूड़ा जलाने, नाली या सड़क पर फेंकने पर स्पॉट फाइन लगेगा।
  4. ग्राम पंचायतों को निर्देश: ई-रिक्शा, बेलिंग मशीन जैसे कचरा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे की खरीद सुनिश्चित करें। चापकल के किनारे सोखता निर्माण कराएं।
  5. ‘अपशिष्ट से धन’ की पहल: SHG और स्थानीय उद्यमियों को कचरा प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़कर रोजगार के अवसर पैदा करने का निर्देश।

DM ने कहा कि नियमों के पालन के लिए नियमित अनुपालन जांच और ऑडिट होगा। लक्ष्य शेखपुरा को स्वच्छ और स्वस्थ जिला बनाना है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, DPO पंचायती राज, जिला शिक्षा पदाधिकारी, DRDA निदेशक, सभी BDO और नगर कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद रहे।

Related posts

विदेश मंत्रालय के पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने पोलैंड के विदेश और आर्थिक मंत्रालय के अधिकारियों से की वार्ता

अंग गौरव सम्मान से अलंकृत हुए अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार

सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम में शेखपुरा डीएम ने सुनीं 16 फरियादें

error: