पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) लगातार चीनी के मूल्य में हो रही वृद्धि को गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
उन्होंने गुरुवार को बताया कि बिहार के सभी संचालित चीनी मिलों से लेकर राज्य में प्रर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है। इसके बावजूद चीनी के मूल्य में वृद्धि होने की सूचना मिल रही है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चीनी के व्यापारियों के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसकी जांच कराने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। वहीं गन्ना उद्योग विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों तथा सभी चीनी मिल संचालकों के पास पत्र भेजकर चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने और चीनी की बिक्री पर नियंत्रण करने के लिए टीम का गठन कर जांच कराने का निर्देश दिया है। चीनी मिलों द्वारा चीनी की बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन ही स्टॉक अपने परिसर में रख सकेंगे अन्यथा होगी कार्रवाई।
उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा है कि भारत सरकार द्वारा कहा गया है कि कुछ चीनी मिलों और चीनी व्यापारियों द्वारा चीनी की कालाबाजारी की जा सकती है, जिससे चीनी की पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में इसकी कमी हो सकती है। भारत सरकार ने देश भर के चीनी व्यापारियों पर 1 अगस्त से 400 टन स्टॉक होल्डिंग सीमा लागू किया है और यह 30 नवंबर 2026 लागू रहेगा। सचिव श्री सिंह ने संबंधित जिलाधिकारियों से कहा है कि जिले के एक वरीय उप समाहर्त्ता और ईख पदाधिकारी की संयुक्त जांच टीम गठित किया जाए। यह जांच टीम जिले में कार्यरत चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक और चीनी व्यापारियों के चीनी स्टॉकों का भौतिक सत्यापन करेगी। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार के आदेश का उलंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए।
