बिहार

नई दुग्ध संग्रहण समितियों के गठन में लाएं तेजी : डीएम

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) सुधा डेयरी के कार्यों का विस्तार इस प्रकार से किया जाये कि पशुपालकों को अधिक-से-अधिक लाभ पहुँचे। जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने सुधा डेयरी के कार्यों की समीक्षा करते हुये उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण करने वाली नई समितियों के गठन में भी तेजी लायें। सुधा डेयरी पटना के प्रबंध निदेशक ने बताया कि पटना जिला में 115 नई दुग्ध संग्रहण समितियों का गठन किया जा रहा है। इनमें से 50 समिति बन चुकी है। सितम्बर महीने के अंत तक बाकी समितियाँ भी बना ली जायेगी। पूर्व से कार्यरत 812 समितियों के प्रतिदिन 86,000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। सितम्बर महीने के अंत तक जब सभी नई समितियाँ भी कार्यरत हो जायेंगी तब प्रतिदिन का दूध संग्रहण 95,000 लीटर हो जायेगा।

डी बी टी के माध्यम से भेजी जाएगी पशु पालकों को राशि-

जिलाधिकारी ने यह निदेश दिया कि पशुपालकों के खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से उनकी राशि भेजी जाये। उन्हें यह बताया गया कि अगस्त महीने में 295 समिति के सदस्यों को डी.बी.टी. के माध्यम से राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। धीरे-धीरे सभी समितियों में किसानों को डी.बी.टी. के माध्यम से ही राशि भेजी जायेगी।

पटना जिला में वर्तमान में 4 बल्क मिल्क कूलिंग स्टेशन पालीगंज, आनंद पुर (मनेर), फतुहा एवं बेलछी में कार्यरत है। फुलवारीशरीफ में 2.5 लाख लीटर क्षमता का दूध प्रोसेसिंग प्लांट भी कार्यरत है। इस प्लांट के अंतर्गत चल रहे आईस्क्रीम यूनिट की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। जगदेव पथ में सुधा कैट्ल फीड प्लांट भी कार्यरत है। जिलाधिकारी ने कहा कि सुधा डेयरी से जुड़ी समितियों के विस्तार एवं इसकी कार्य प्रणाली में सुदृढ़ीकरण से पशुपालन का सीधा फायदा होगा एवं उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा।

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