बिहार

भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत, कई घायल वरीय पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच के आदेश थानाध्यक्ष को किया निलंबित

नालंदा,  बंटी राज आर्यन्स :  बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित माता शीतला मंदिर में मंगलवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मंगलवार को विशेष पूजा अर्चना के दौरान शीतला मंदिर में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी के बाद वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली एवं जांच के आदेश दिए हैं फिलहाल दीप नगर थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

क्या हुआ घटना के दौरान

चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार और विशेष पूजा के कारण मंदिर में हजारों श्रद्धालु जुटे थे। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने और भीड़ नियंत्रण की उचित व्यवस्था नहीं होने से हालात बिगड़ने की बात सामने आ रही है।
दर्शन के लिए जल्दी करने की होड़ में महिलाएं एक-दूसरे को धक्का देने लगीं, जिससे अचानक भगदड़ मच गई।

ऐसी खामिया आई सामने


–कोई व्यवस्थित लाइन या बैरिकेडिंग नहीं थी

–भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल नहीं था

एक महिला के गिरने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई

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राहत और बचाव में देरी

घटना के बाद:


करीब 40 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची
शुरुआती मदद स्थानीय लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों ने मिलकर की

घायलों को मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ में भर्ती कराया गया
मृतकों की पहचान और मुआवजा

अब तक 7 मृतकों में से 1 की पहचान हुई है:

रीता देवी (50)
रेखा देवी (45)
देवंती देवी, पति महेंद्र शाह इस्लामपुर
रेखा देवी, पति कमलेश राम, नूरसराय
मालो देवी, पति अनिल केवट हिलसा,चिंता देवी, पति योगेंद्र राम, रहुई ,कांति देवी पति, अर्जुन सिंह, दीपनगर ,गुड़िया देवी, सालूगंज, बिहार थाना

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रशासनिक कार्रवाई पटना से कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को घटना की जांच के निर्देश दिए हादसे के बाद मंदिर और मेला अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।यह घटना एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे धार्मिक आयोजनों में प्रशासनिक तैयारी की कमी जानलेवा साबित हो सकती है। नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित इलाज की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से कराई जा रही है मामले की जांच को लेकर निर्देश दिए गए हैं। घटना के बाद अपने आधिकारिक बयान में नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा कि भीड़ नियंत्रण को लेकर चौकीदार को लगाया गया था। भीड़ अत्यधिक होने के कारण श्रद्धालुओं में सफोकेशन की बात सामने आई। इसके बाद अचानक भीड़ अनियंत्रित हो गया। जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस पूरे घटना की उच्च स्तरीय जांच को लेकर एक टीम गठित की गई है।

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