क़ानूनी-सलाह

Digital Arrest Scam: पुलिस या CBI कभी Video Call पर गिरफ्तारी नहीं करती, ठगी से बचने के जरूरी उपाय…

न्यूज़ क्राइम 24, चित्रा द्विवेदी। आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है, जिसे “Digital Arrest Scam” कहा जाता है। इसमें अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED, TRAI, Customs या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और व्यक्ति को डराते हैं कि उसके नाम से कोई अपराध हुआ है, बैंक खाते से अवैध लेन-देन हुआ है या उसका मोबाइल नंबर किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल हुआ है।

इसके बाद पीड़ित को कहा जाता है कि वह “जांच पूरी होने तक” वीडियो कॉल पर ही रहे और किसी से बात न करे। कई मामलों में अपराधी फर्जी नोटिस, FIR, गिरफ्तारी वारंट या सरकारी पहचान-पत्र भी दिखाते हैं। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी, OTP, PAN/Aadhaar विवरण या पैसे की मांग की जाती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि “Digital Arrest” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। किसी व्यक्ति को केवल वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। गिरफ्तारी और जांच के लिए कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

ठग किस तरह बनाते हैं दबाव?

Digital Arrest Scam में अपराधी आमतौर पर पहले फोन या WhatsApp कॉल करते हैं। वे कहते हैं—

  • आपके नाम से कोई पार्सल पकड़ा गया है।
  • आपके Aadhaar से SIM या बैंक खाता जुड़ा है जिसका इस्तेमाल अपराध में हुआ है।
  • आपके खिलाफ FIR दर्ज है।
  • CBI/ED/Police आपकी जांच कर रही है।
  • आपके खाते में मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा आया है।
  • आपको तुरंत “verification” के लिए पैसे जमा करने होंगे।

कभी-कभी पीड़ित को एक कमरे में बैठाकर कई घंटे तक वीडियो कॉल पर रहने को कहा जाता है। डर के कारण व्यक्ति उनकी बात मान लेता है और लाखों रुपये तक गंवा देता है।

क्या पुलिस या CBI Video Call पर गिरफ्तारी कर सकती है?

नहीं। केवल वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को “Digital Arrest” करने की कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं है। वास्तविक जांच एजेंसी यदि किसी व्यक्ति से संपर्क करती है, तो वह कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी। कोई अधिकारी फोन पर धमकी देकर यह नहीं कह सकता कि “आप अभी Digital Arrest में हैं और कॉल काटी तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

इसलिए यदि कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED या किसी अन्य सरकारी एजेंसी के नाम पर वीडियो कॉल करके गिरफ्तारी की धमकी देता है और पैसे मांगता है, तो यह साइबर ठगी का गंभीर संकेत है।

अगर Digital Arrest Scam का शिकार हो जाएं तो क्या करें?

सबसे पहले घबराएं नहीं और अपराधियों के निर्देश पर कोई पैसा ट्रांसफर न करें।

यदि पैसे का लेन-देन हो चुका है, तो तुरंत 1930 पर Cyber Financial Fraud Helpline पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी जल्दी संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थानों के माध्यम से transaction को रोकने या रकम को trace/freeze कराने की संभावना बन सकती है।

इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal पर भी शिकायत की जा सकती है।

पीड़ित को अपने बैंक को तुरंत सूचना देकर account/card/UPI को आवश्यकतानुसार block या secure करवाना चाहिए। Call recordings, WhatsApp chats, screenshots, mobile numbers, bank transaction details, UTR/transaction ID और भेजे गए documents को सुरक्षित रखना चाहिए। इन्हीं electronic records से जांच में मदद मिल सकती है।

कौन-कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?

  1. डरकर पैसा न भेजें।
    कोई भी सरकारी जांच समाप्त करने, गिरफ्तारी रोकने या “verification” के नाम पर निजी खाते में पैसे जमा कराने को कहे तो सावधान रहें।
  2. OTP और PIN कभी साझा न करें।
    Banking password, UPI PIN, CVV और OTP किसी अधिकारी के साथ भी साझा नहीं करना चाहिए।
  3. Video Call पर विश्वास न करें।
    वीडियो कॉल पर दिखाई देने वाली वर्दी, ID card, कार्यालय या दस्तावेज असली होने की गारंटी नहीं हैं। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल करके सरकारी कार्यालय जैसा माहौल बना सकते हैं।
  4. खुद आधिकारिक नंबर से सत्यापन करें।
    कॉल करने वाले व्यक्ति द्वारा दिए गए नंबर पर वापस कॉल करने के बजाय संबंधित सरकारी संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क विवरण लेकर स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें।
  5. परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं।

अपराधी अक्सर कहते हैं कि “किसी को मत बताना।” यही उनकी रणनीति का हिस्सा होता है। ऐसी स्थिति में तुरंत परिवार/विश्वसनीय व्यक्ति से बात करें।

कानूनी रूप से भी गंभीर अपराध

Digital Arrest Scam सामान्य फोन कॉल की धोखाधड़ी नहीं है। इसमें personation, cheating, criminal intimidation और electronic communication के माध्यम से अपराध जैसे कई आपराधिक पहलू हो सकते हैं। मामले के तथ्यों के अनुसार Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS) और Information Technology Act, 2000 की संबंधित धाराएं लागू हो सकती हैं।

जनता के लिए संदेश

Digital Arrest Scam का सबसे बड़ा हथियार कानून नहीं, बल्कि डर है। अपराधी व्यक्ति को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह तुरंत गिरफ्तार होने वाला है और केवल पैसे देकर ही बच सकता है। आम नागरिक को यह समझना जरूरी है कि किसी फोन या वीडियो कॉल पर मिली धमकी को सरकारी आदेश न मानें।

“Digital Arrest” के नाम पर कोई पैसा न दें, OTP/UPI PIN न बताएं और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

याद रखें: घबराहट में लिया गया एक फैसला लाखों रुपये का नुकसान करा सकता है, जबकि समय पर की गई शिकायत रकम बचाने में मदद कर सकती है।

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