आरा, (न्यूज़ क्राइम 24) महादेवा हनुमान मंदिर परिसर आरा में संत रविदास जनसेवा संगठन आरा भोजपुर के तत्वावधान में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की 118वीं जयंती समारोह के अवसर पर समाज में विभिन्न क्षेत्रों में अपना सर्वोत्तम उत्कृष्ट सेवा कार्य देने वालों के लिए जीवित एवं दिवंगत हुए लोगों को दिनकर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।उक्त अवसर पर साहित्यकारों, कवियों रचनाकारो,साहित्यकारों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों कलाकारों एवं पत्रकारों को उत्कृष्ट सेवा के लिए दिनकर सम्मान प्रशस्ति पत्र 2026-27 के साथ डायरी, कलम के साथ दिनकर जी का फोटो पुरस्कार स्वरूप प्रदान कर सम्मान किया गया।आयोजन सचिव सह संस्था महासचिव अमरदीप कुमार जय ने कहां कि दिनकर हिंदी साहित्य के महान वीर रस के महान कवि थे l
विचार गोष्ठी के बाद संस्था द्वारा मरणोपरांत होमियो चिकित्सक डाक्टर योगेंद्र पंडित नवादा चौक आरा को पूरे जीवन काल तक गरीब जरूरतमंद लोगो को बिना पैसो के ही निःशुल्क सालाह दवा सहित देते थे जो सिर्फ ये बोल देते रहे कि डॉक्टर साहब मेरे पास पैसा नहीं हैं मैं बहुत मजबूर और गरीब लाचार पीड़ित हूं तो उनको भी सम्मान पूर्वक दवा देकर या दिलवाकर क्लिनिक से भेजते फिर दवा लेने आने को जरूर बोलते जब तक ठीक न हो जाओ तब तक आते रहने को बोलते थे योगिंद्र जी, जिनको आज संत रविदास जनसेवा संगठन भोजपुर आरा दिनकर सम्मान का प्रशस्ति पत्र प्रदान कर रही हैं मरणोपरांत जिनको प्रभु अपने चरणों में स्थान दे l
आरा के प्रसिद्ध हड्डी सर्जन डॉ. एस० एमo ईशा पकड़ी आरा को चिकित्सा क्षेत्र और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार अभी भी कार्य करने हेतू 63 वर्षों (हीरक) का समर्पित यात्रा पूर्ण करने पर दिनकर लाइफ टाइम एचिवमेंट अवॉर्ड प्रदान प्रशस्ति पत्र सहित किया गया। प्रोफेसर नन्दजी कुमार ग्राम नवादा आरा पूर्व कुलपति मगध विश्वविधालय बोधगया को शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र में लगातार कार्य धैर्य एवं रुचि पूर्वक 54 वर्ष (स्वर्ण) जो अभी भी लेखन कार्य जारी हैं।
इसके बाद कथक गुरु बक्शी विकाश महाजन टोली आरा को को नृत्य संगीत में 29वर्ष (सिल्वर) पूरा करने की श्रृंखला अभी भी जारी हैं निःशुल्क रूप से गरीब तबके के छात्र छात्राओं को जो गैर संगीत परिवार से आते हैं और जो उनका फीस नहीं दे सकते हैं तो वैसे छात्र छात्राओं को सामूहिक रूप से एक साथ नृत्य संगीत वादन का तालीम देने वाले गुरु को दिनकर सम्मान प्रदान किया गया।
देश सेवा में ग्रामीण क्षेत्र पिरो प्रखंड खननी कला से आने वाले साधारण किसान परिवार से आने विकास कुमार सिंह को जो आज सेना में ले० कर्नल विकास कुमार सिंह से जाने जाते हैं पूरे देश भर के साथ भारतीय थलसेना में जिनका 25 साल (रजत) तक लगातार देश सेवा करने के उपरांत जो अभी भी कार्यरत हैं देश सेवा में पूरे तन मन धन के साथ जिनको भी दिनकर सम्मान के प्रशस्ति पत्र सहित फोटो, कलम, डायरी से अलंकृत करने की घोषणा की गई जो अभी कश्मीर के बॉडर पर तैनात हैं जिनको छुट्टी पर घर आने के बाद संस्था इनके देश सेवा की प्रेरणा को देखते हुए इनके सम्मान में एक अलग से सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा इसकी घोषणा मंच से आयोजन सचिव अमरदीप कुमार जय ने सभा में किया। कार्यक्रम में कवियों का स्वागत आयोजन सचिव अमरदीप कुमार जय एवं धन्यवाद ज्ञापन राम बाबू प्रसाद चौरसिया ने किया।
2026-27 सत्र में दिनकर सम्मान पाने वाले सभी साहित्यकारों,रचनाकारों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों सहित नवोदित कवियों को फिजिशियन डाक्टर के एन सिन्हा, दिनेश प्रसाद सिन्हा, डॉक्टर किरण कुमारी, रमेश सिंह रामप्रपन्न, सुनील सुगंध, गीतकार अजय सिंह, अजय गुप्ता, जनमेजय ओझा, शशिकांत तिवारी, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर शीलभद्र, राजेंद्र शर्मा पुष्कर जी ने बधाई एवं शुभ कामना व्यक्त किया।सभा के अंत में उपस्थित लोगों के द्वारा दोनों हाथ उठाकर रामधारी सिंह दिनकर जी एवं सीता जी के नाम पर विश्व विद्यालय बनाने के निर्णय को उचित सही बताते हुए सम्राट सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया ।
