पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बुधवार को राजधानी पटना में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र राजभवन मार्च के लिए निकले। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की और वापस लौटने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद हजारों छात्र जेपी गोलंबर पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई छात्र विरोध स्वरूप सड़क पर बैठ गए। करीब 20 मिनट बाद छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए। पुलिस ने वहां भी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि डाकबंगला चौराहे पर सात हजार से अधिक छात्र जमा हो गए। प्रदर्शन के दौरान आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला किया गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
इधर, राजधानी में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया। बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। पुलिस की मौजूदगी में दोनों दलों के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प ने शहर की सड़कों को रणक्षेत्र में बदल दिया। घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दिनभर चले छात्र आंदोलन और राजनीतिक टकराव के कारण राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और हालात को सामान्य करने का प्रयास कर रही है।
