अररिया, रंजीत ठाकुर। सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच माध्यमिक विद्यालय भंगही में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा विद्यालय भवन पिछले नौ माह से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य बंद रहने के कारण भवन में इस्तेमाल होने वाली लोहे की सरिया खुले आसमान के नीचे पड़ी-पड़ी जंग खा रही है। निर्माण स्थल की बदहाल स्थिति सरकारी राशि के सदुपयोग और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से निर्माण कार्य बंद है, लेकिन इसे दोबारा शुरू कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। भवन अधूरा रहने से विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, खुले में पड़ी निर्माण सामग्री के खराब होने की आशंका भी बनी हुई है।
इस संबंध में बीएसईआईडीसी के जेई अमित कुमार एवं संवेदक जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग में राशि के अभाव के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अब तक निर्धारित योजना का करीब 25 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि किए गए कार्य की राशि का भुगतान भी बकाया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा करने के लिए विभाग की ओर से 18 महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। राशि उपलब्ध होने के बाद शेष कार्य पूरा कराया जाएगा।
इधर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार राय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में शौचालय और चहारदीवारी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी परेशानी बनी हुई है। अब सवाल यह है कि विभागीय राशि के अभाव में आखिर कब तक विद्यालय भवन का निर्माण अधूरा रहेगा? स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले में पहल कर शीघ्र राशि उपलब्ध कराने, निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खुले में पड़ी निर्माण सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
