बिहार

भोज की पत्तल बनी कैनवास, सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने ट्रायंगल में उकेरी चित्र, भारत में BRICS के विश्व नेताओं का किया यूं स्वागत

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) कला के लिए कैनवास का आकार नहीं, बल्कि कलाकार की कल्पना और हुनर मायने रखता है। इसी सोच को अपनी कला में साकार करते हुए अपनी अनोखी कला और प्रयोगधर्मिता के लिए बिहार के चर्चित विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने इस बार कला एक अनोखा प्रयोग किया है। उन्होंने पारंपरिक कैनवास के बजाय भोज में भोजन परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाली पत्तल को अपनी कला का माध्यम बनाकर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18 वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS 2026) में शामिल होने वाले प्रमुख वैश्विक नेताओं के चेहरे को उकेरे हैं।

मोदी- जिनपिंग- पुतिन समेत BRICS नेताओं के बनाए चित्र

सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने इन पत्तलों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो सहित कई वैश्विक नेताओं के चित्र को ट्रायंगल में तैयार किए हैं।

कलाकृति से ब्रिक्स नेताओं का स्वागत-

कलाकृति के साथ “WELCOME TO INDIA – BRICS 2026” संदेश भी अंकित किया गया है। अलग-अलग पत्तलों पर नेताओं के चित्रों को फ्रेम की तरह सजाकर तैयार की गई यह रचना BRICS सम्मेलन के लिए भारत आने वाले विश्व नेताओं के स्वागत को समर्पित है।

15 दिनों की मेहनत से तैयार हुई कलाकृति-

कलाकार मधुरेंद्र कुमार के अनुसार, इस विशेष कला को तैयार करने में करीब 15 दिनों का समय लगा। पत्तल की सतह सामान्य कैनवास की तुलना में अलग होने के कारण उस पर बारीक चित्र उकेरना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने चेहरे की रूपरेखा, आंखों, बाल, दाढ़ी और भाव-भंगिमा जैसे सूक्ष्म विवरणों को उभारने का प्रयास किया।

मधुरेंद्र कहते हैं कि उनका उद्देश्य केवल विश्व नेताओं के चित्र बनाना नहीं, बल्कि कला के माध्यम से भारत की मेहमाननवाजी, शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संदेश देना है।

कभी रेत तो कभी पत्तल, लगातार नए प्रयोग-

मधुरेंद्र कुमार की कला की खास पहचान उनके प्रयोगों में दिखाई देती है। वह पारंपरिक कैनवास तक सीमित रहने के बजाय रेत, मिट्टी, कोयले की राख, पीपल के पत्ते, फल और सब्जियों जैसे अलग-अलग माध्यमों पर कलाकृतियां तैयार करते रहे हैं।

इस बार भोज में इस्तेमाल होने वाली पत्तल को कैनवास बनाकर विश्व नेताओं के चित्र उकेरना उनके इसी प्रयोगधर्मी कला सफर की एक नई कड़ी है। साधारण रूप से भोजन परोसने के काम आने वाली पत्तल को उन्होंने अपनी बारीक चित्रकारी के जरिए एक कलात्मक रूप देने का प्रयास किया है।

कला के जरिए दुनिया को दिया सहयोग का संदेश-

मधुरेंद्र कुमार का कहना है कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया के अलग-अलग देशों के नेता एक साथ आते हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी कलाकृति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि देशों के बीच संवाद और सहयोग से वैश्विक समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

उन्होंने कहा, “मैंने अपनी इस कलाकृति के जरिए दुनिया के तमाम नेताओं का भारत में स्वागत करने की कोशिश की है। मेरी कला का संदेश है कि दुनिया के सभी देश आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आएं, क्योंकि मिलजुलकर ही हम शांति स्थापित कर सकते हैं और दुनिया की बड़ी चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं।”

सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बनी कलाकृति-

पत्तल पर बनाए गए विश्व नेताओं के चित्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। एक तरफ जहां अलग-अलग देशों के नेताओं के चेहरे इस कलाकृति का मुख्य आकर्षण हैं, वहीं दूसरी ओर भोज में इस्तेमाल होने वाली पत्तल को कला के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना इस रचना को खास बनाता है। मधुरेंद्र कुमार का यह प्रयोग यह संदेश भी देता है कि कला किसी एक माध्यम की मोहताज नहीं होती। कलाकार अपनी कल्पना और सृजनात्मकता से रोजमर्रा की साधारण वस्तु को भी कला का रूप दे सकता है।

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