पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) किंग सेजोंग इंस्टीट्यूट पटना की ओर से दक्षिण कोरिया सरकार के संस्कृति, खेल एवं पर्यटन मंत्रालय के किंग सेजोंग इंस्टीट्यूट फाउंडेशन के सहयोग से शनिवार, 12 सितंबर को पटना वीमेंस कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग में सेजोंग कल्चर एकेडमी के दूसरे दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘कोरियन भोजन का अनुभव: बिबिमबाप’ रहा, जिसमें छात्रों को हनबान-दो बिबिमबाप और वॉटर किम्ची के बारे में जानकारी देने के साथ इन्हें तैयार करने की प्रक्रिया भी बताई गई।
सेजोंग कल्चर एकेडमी किंग सेजोंग इंस्टीट्यूट फाउंडेशन की वार्षिक पहल है। इसका उद्देश्य छात्रों को कोरियाई भोजन, वोकल आर्ट्स, हनबोक, के-ब्यूटी, साहित्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र, मार्शल आर्ट्स, सामुल-नूरी, के-पॉप, कोरियाई कैलीग्राफी, के-मूवी एवं ड्रामा तथा पारंपरिक कलाओं के माध्यम से कोरियाई संस्कृति से परिचित कराना है। इसके तहत दक्षिण कोरिया के सांस्कृतिक विशेषज्ञ विभिन्न किंग सेजोंग संस्थानों का दौरा कर छात्रों को संबंधित विधाओं का व्यावहारिक मार्गदर्शन देते हैं।
कार्यक्रम का नेतृत्व सांस्कृतिक विशेषज्ञ शेफ जोंग-ह्युक किम ने किया, जो दक्षिण कोरिया में प्रधानमंत्री कार्यालय के हेड शेफ के रूप में कार्यरत हैं। उनके साथ मैनेजर सुश्री ह्योरान यांग भी मौजूद रहीं और उन्होंने कार्यक्रम की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था की देखरेख की।
कार्यक्रम के समन्वय में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं परामर्श सेवाओं के डीन प्रो. डॉ. आलोक जॉन तथा गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शाज़िया हुसैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न विभागों के 50 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया और शेफ जोंग-ह्युक किम के पेशेवर मार्गदर्शन में बिबिमबाप तैयार किया।
किंग सेजोंग इंस्टीट्यूट पटना की संचालन प्रमुख सुश्री ग्रेस ली ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों के लिए अनुवादक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को कोरियाई खान-पान और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला।
