बिहार

मेदांता पटना में ‘क्लिनिकल कार्डियोलॉजी एवं ईकोकार्डियोग्राफी’ के पाँचवें संस्करण का आयोजन

फुलवारीशरीफ, अजीत। जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पटना के मेदांता हार्ट इंस्टीट्यूट की ओर से दो दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम ‘क्लिनिकल कार्डियोलॉजी एवं ईकोकार्डियोग्राफी-बेसिक्स एंड बियॉन्ड-5’ का आयोजन 12 एवं 13 सितंबर को होटल लेमन ट्री प्रीमियर, पटना में किया गया. कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञों, ईकोकार्डियोग्राफी विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में वैज्ञानिक सत्र, रोगियों के जटिल मामलों पर चर्चा, विशेषज्ञ परिचर्चा और व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए. इसमें चिकित्सकों को ईकोकार्डियोग्राफी की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर इसके उन्नत चिकित्सकीय उपयोग की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने ईकोकार्डियोग्राफी की नवीन तकनीकों, चुनौतीपूर्ण रोग-प्रकरणों, उपचार संबंधी निर्णयों और रिपोर्ट की सटीक व्याख्या पर अपने अनुभव साझा किए।

लगातार पाँचवें वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम को चिकित्सकों के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा और ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बताया गया. इससे बिहार में हृदय रोगों के बेहतर निदान और उपचार को बढ़ावा देने के साथ वरिष्ठ विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों के बीच व्यावहारिक अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

आयोजन सचिव डॉ. श्रद्धा रंजन ने कहा कि कार्यक्रम का पाँचवें संस्करण तक पहुंचना इसकी निरंतर उपयोगिता और चिकित्सकों के विश्वास को दर्शाता है. हमारा उद्देश्य ईकोकार्डियोग्राफी के व्यावहारिक पहलुओं को सरल, संवादात्मक और रोगी-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि चिकित्सक इसका उपयोग अपने दैनिक चिकित्सा अभ्यास में कर सकें।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सटीक ईकोकार्डियोग्राफी कई जटिल हृदय रोगों की समय पर पहचान और उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मेदांता पटना विशेषज्ञ संकाय और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से बिहार के चिकित्सकों को उन्नत हृदय चिकित्सा से लगातार जोड़ने का कार्य कर रहा है।

मेदांता हार्ट इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि संस्थान में सामान्य से लेकर अत्यंत जटिल हृदय रोगों के लिए व्यापक और समन्वित उपचार उपलब्ध है. कार्यक्रम की पाँच वर्षों की निरंतरता चिकित्सकीय समुदाय के साथ संस्थान की विशेषज्ञता साझा करने और प्रदेश में हृदय उपचार की गुणवत्ता बेहतर बनाने के प्रयास को मजबूती प्रदान करती है।

चिकित्सा निदेशक डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा कि मेदांता पटना का दायित्व केवल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सतत चिकित्सा शिक्षा और संस्थागत सहयोग को भी समान महत्व दिया जाता है. कार्यक्रम का पाँचवाँ संस्करण आधुनिक हृदय चिकित्सा को बिहार में और मजबूत करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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