न्यूज़ क्राइम 24, अधिवक्ता चित्र द्विवेदी। जमीन खरीदना जीवन का एक बड़ा निवेश है। कई बार लोग केवल जमीन की कीमत, लोकेशन और Registry पर ध्यान देते हैं और जरूरी कानूनी जांच नहीं करते। बाद में पता चलता है कि जमीन पर विवाद है, किसी और का दावा है, ऋण/बंधक है या विक्रेता के पास बेचने का वैध अधिकार ही नहीं था। इसलिए जमीन खरीदने से पहले निम्नलिखित 10 महत्वपूर्ण कानूनी जांच जरूर करनी चाहिए:
- Title / मालिकाना हक की जांच
सबसे पहले यह पता करें कि जमीन का वास्तविक और वैध मालिक कौन है। विक्रेता के नाम पर जमीन कैसे आई—Sale Deed, Gift, Partition, Inheritance या किसी अन्य दस्तावेज के माध्यम से—इसकी पूरी chain of title जांचनी चाहिए।
- Mutation / दाखिल-खारिज की जांच
Mutation का अर्थ है राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के मालिक के नाम का परिवर्तन। खरीद के बाद mutation कराना महत्वपूर्ण है, लेकिन सिर्फ mutation से मालिकाना हक पैदा नहीं होता। इसलिए केवल जमाबंदी या mutation देखकर जमीन न खरीदें; मूल title documents भी जांचें।
- Encumbrance / बंधक या अन्य भार की जांच
यह पता करें कि जमीन पर किसी बैंक का loan, mortgage, lien या कोई अन्य कानूनी भार तो नहीं है। यदि जमीन पहले से किसी ऋण के लिए बंधक है, तो भविष्य में खरीदार को परेशानी हो सकती है।
- Registry / पूर्व रजिस्ट्री की जांच
विक्रेता की वर्तमान Registry के साथ-साथ पुराने sale deeds और अन्य transfer documents की जांच करें। यह भी देखें कि दस्तावेज सही व्यक्ति द्वारा, सही जमीन के संबंध में और विधि के अनुसार execute किए गए हैं।
- Possession / वास्तविक कब्जे की जांच
कागज पर मालिक होना और जमीन पर वास्तविक कब्जा होना अलग-अलग बातें हो सकती हैं। खरीदने से पहले जमीन पर जाकर देखें कि वास्तविक कब्जा किसका है। यदि कोई दूसरा व्यक्ति जमीन पर रह रहा है, खेती कर रहा है या निर्माण कर रहा है, तो उसका आधार जरूर पता करें।
- Court Dispute / न्यायालय में विवाद की जांच
यह जांचना अत्यंत आवश्यक है कि जमीन से संबंधित कोई civil suit, partition case, injunction, revenue dispute या अन्य मुकदमा लंबित तो नहीं है। विवादित संपत्ति खरीदने पर खरीदार को लंबे समय तक मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।
- Land Records / राजस्व रिकॉर्ड की जांच
खाता, खेसरा/प्लॉट नंबर, जमाबंदी, रकबा, भूमि का प्रकार और अन्य संबंधित राजस्व रिकॉर्ड को मूल दस्तावेजों से मिलाएं। दस्तावेज और जमीन की वास्तविक स्थिति में अंतर होने पर सावधान रहें।
- Seller की पहचान और अधिकार की जांच
विक्रेता का Aadhaar/PAN आदि पहचान संबंधी दस्तावेज देखकर ही संतुष्ट न हों। यह भी जांचें कि वह वास्तव में जमीन बेचने का कानूनी अधिकार रखता है या नहीं। यदि जमीन संयुक्त परिवार या संयुक्त मालिकों की है, तो सभी आवश्यक पक्षों की सहमति और हस्ताक्षर की स्थिति जांचना जरूरी है।
- जमीन का उपयोग और सरकारी प्रतिबंध
यह जांचें कि जमीन पर कोई सरकारी अधिग्रहण, road widening, land-use restriction, ceiling issue या अन्य सरकारी प्रतिबंध तो नहीं है। कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में लेने के लिए स्थानीय कानूनों के अनुसार आवश्यक अनुमति भी देखनी चाहिए।
- Original Documents और Legal Verification
हमेशा मूल दस्तावेज देखें और उनकी copies को official records से verify करें। बड़ी रकम का भुगतान करने से पहले किसी योग्य property lawyer से title search और document verification कराना बेहतर है।
याद रखें: Registry = पूरी सुरक्षा नहीं
बहुत से लोग मानते हैं कि Registry हो जाने के बाद जमीन पूरी तरह सुरक्षित हो जाती है। लेकिन Registry अपने-आप में यह सुनिश्चित नहीं करती कि विक्रेता का title निर्विवाद और वैध था।
जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच, title verification और जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच करना उतना ही जरूरी है जितना Registry कराना।
जनहित में कानूनी सलाह-
जमीन खरीदने में जल्दबाजी न करें। Token/advance देने से पहले title documents और सरकारी records की जांच करें। किसी भी संदेह की स्थिति में property lawyer से legal opinion लेकर ही आगे बढ़ें। एक छोटी सी कानूनी जांच आपको वर्षों के मुकदमे और लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
