बिहार

पटना विमेन्स कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पटना विमेन्स कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गुरुवार को “जैव प्रौद्योगिकी तकनीकें” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला 23 से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।

उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सिस्टर एम. रश्मि, ए.सी., उप-प्राचार्या डॉ. सिस्टर एम. तनिशा, ए.सी., अविला कॉन्वेंट की सुपीरियर डॉ. सिस्टर जिन्सी, ए.सी., विज्ञान संकाय की डीन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों को ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने व्यावहारिक कौशल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के प्रथम दिन डीएनए पृथक्करण (DNA Isolation), पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (PCR) तथा एथेनॉल उत्पादन के लिए सूक्ष्मजीवी संवर्धन (Microbial Culture) के इनोक्यूलेशन पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं उद्योग में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यशाला का समन्वयन जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती कुमारी के नेतृत्व में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आलोक रंजन, डॉ. विवेक राज एवं डॉ. प्रेमलता कुमारी का विशेष योगदान रहा। महाविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना है।

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