पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बाँकीपुर विधान सभा उप चुनाव से जुड़े मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण 16 जुलाई से पटना हाईस्कूल, गर्दनीबाग में चल रहा है। मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं पीठासीन पदाधिकारियों के लिये चल रहा यह प्रशिक्षण 18 जुलाई तक चलेगा। इस प्रशिक्षण में मतदान दलों को चुनाव से जुड़े हर पहलुओं, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ ई.वी.एम. एवं वी.वी. पैट के संचालन की भी जानकारी दी जा रही है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने सभी मतदान कर्मियों को निदेश दिया है कि वे पूरे मनोयोग एवं गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें।
अभ्यर्थियों एवं उनके प्रतिनिधियों को दिया गया व्यय-लेखा संधारण का प्रशिक्षण
समाहरणालय सभाकक्ष में व्यय-लेखा कोषांग के वरीय प्रभारी पदाधिकारी श्री राजीव रंजन प्रभाकर ने बाँकीपुर विधान सभा उप चुनाव में भाग ले रहे अभ्यर्थियों एवं उनके प्रतिनिधियों को चुनाव में किये जाने वाले खर्चों का हिसाब-किताब रखने के तरीके बतायें। उन्होंने कहा कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी किसी एक वेंडर को 10 हजार रुपये से अधिक नकद भुगतान नहीं करेंगे। यह बताया गया कि चुनाव से संबंधी खर्च के लिये एक नया बैंक खाता रखा जाना है एवं उसी से चेक/ड्राफ्ट/आर.टी.जी.एस. के माध्यम से लेन-देन किया जाना है। खाता केवल अभ्यर्थी अथवा उनके अभिकर्ता के नाम से ही खोला जाना है। सभी अभ्यर्थियों के द्वारा नामांकन की तिथि से परिणाम घोषणा की तिथि तक के व्यय को दैनिक रूप से संधारित किया जाना है। व्यय प्रेक्षक द्वारा अभ्यर्थियों के व्यय लेखा का पहला निरीक्षण 20 जुलाई, दूसरा निरीक्षण 24 जुलाई तथा तीसरा निरीक्षण 27 जुलाई को किया जायेगा।
प्रचार सामग्री पर प्रकाशक एवं मुद्रक का नाम एवं पता होना आवश्यक
मुद्रण से पूर्व मुद्रकों एवं प्रकाशकों के प्रशिक्षण में उन्हें बताया गया कि विहित प्रपत्र में प्रकाशकों से घोषणा लेकर ही पोस्टर/हैंडबिल/फ्लेक्स/बैनर आदि का मुद्रण करें। हर पोस्टर/हैंडबिल/फ्लेक्स/बैनर आदि पर मुद्रक एवं प्रकाशक के नाम व पता अवश्य अंकित रहे। मुद्रित पोस्टर/हैंडबिल/फ्लेक्स/बैनर आदि की एक प्रति छापने के तीन दिनों के भीतर जिला निर्वाचन पदाधिकारी को भेजी जानी है।
मीडिया मॉनिटरिंग कोषांग रख रही अभ्यर्थियों के विज्ञापनों पर नजर
प्रशिक्षण में अभ्यर्थियों एवं उनके अभिकर्ताओं को बताया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशलमीडिया पर चल रहे प्रचार-प्रसार पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर एम.सी.एम.सी. एवं मीडिया मॉनिटरिंग कोषांग कार्यरत है। इन माध्यमों से प्रचार-प्रसार से पूर्व विज्ञापन का सर्टिफिकेशन एम.सी.एम.सी. कोषांग से कराना आवश्यक है। यह कोषांग समाहरणालय के तीसरे तल पर कार्यरत है। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों एवं उनके अभिकर्ताओं को आदर्श आचार संहिता के अनुपालन के बारे में भी बताया गया।
