बिहार

एम्स पटना में एनबीईएमएस के राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्घाटन, देशभर के 700 से अधिक चिकित्सक व विशेषज्ञ हुए शामिल

फुलवारीशरीफ, अजीत। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार को एम्स पटना पहुंचकर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया. “सहानुभूति से मरीजों की सुरक्षा तक : नैदानिक अभ्यास में प्रभावी पेशेवर संवाद” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के एनबीईएमएस से मान्यता प्राप्त संस्थानों के 700 से अधिक चिकित्सा शिक्षक, विशेषज्ञ चिकित्सक, स्नातकोत्तर प्रशिक्षु एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज और चिकित्सक के बीच प्रभावी संवाद विश्वास का सबसे मजबूत आधार होता है. उन्होंने कहा कि चिकित्सक का व्यवहार, संवेदनशीलता और संवाद कौशल मरीज के मन में भरोसा पैदा करता है और उपचार को अधिक प्रभावी बनाता है. उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में संवाद कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एनबीईएमएस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम चिकित्सा व्यवस्था को अधिक मानवीय और मरीज-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ ने कहा कि एक उत्कृष्ट चिकित्सक की पहचान केवल उसके ज्ञान और तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और प्रभावी संवाद क्षमता से भी होती है. उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि चिकित्सक का व्यवहार और संवाद भी जीवनभर याद रखते हैं. उन्होंने कहा कि एम्स पटना ऐसे चिकित्सकों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ मानवीय मूल्यों, करुणा और संवेदनशीलता को भी समान महत्व दें।

उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. बसु की दूरदर्शी पहल का परिणाम है, जिसके तहत “कम्युनिकेशन इन हेल्थकेयर” को स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. कार्यक्रम का आयोजन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि आयोजन सचिव डॉ. मुक्ता अग्रवाल ने कार्यक्रम की योजना, समन्वय एवं सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने मरीज-केंद्रित संवाद, चिकित्सकीय व्यवहार में सहानुभूति, कठिन परिस्थितियों में प्रभावी संवाद, गंभीर समाचार साझा करने की कला, विवाद समाधान, अंतर-व्यावसायिक समन्वय तथा संवाद कौशल के आधुनिक प्रशिक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की. केस आधारित चर्चाओं और सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को संवाद कौशल के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि चिकित्सा शिक्षा में संवाद कौशल को शामिल करना समय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य के चिकित्सक ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों से भी परिपूर्ण बन सकें।

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