पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, अररिया द्वारा फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत खवासपुर पंचायत सरकार भवन में रविवार को एक भव्य विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के दौरान लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय अररिया के पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने उपस्थित लोगों को विधिक सेवा योजना , से जुड़े नालसा, आशा , बाल विवाह , अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण योजनाएँ (2025-2026),संवाद योजना-2025, नशा जागरूकता एवं वेलनेस नेविगेशन – नशामुक्त भारत अभियान),जागृति योजना,तथा मध्यस्थता अभियान 2.0 एवं 18 जुलाई 2026 को प्रस्तावित स्पेशल लोक अदालत एवं सितारा-2023 के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम में पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना ही विधिक सेवा प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर में पेनल एडवोकेट राहुल रंजन ने उपस्थित ग्रामणों एवं जनप्रतिनिधि को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों की जानकारी देते हुए उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान नि:शुल्क विधिक सहायता, नए कानून के तहत एफआईआर , अरेस्ट ग्राउंड, जमानत, महिला के अधिकार से जुड़े मेंटनेंस एवं दहेज़ निषेध कानून, हिन्दू मैरेज एक्ट, घरेलू हिंसा से संरक्षण, बाल अधिकार, साइबर अपराध से बचाव, उपभोक्ता संरक्षण, आरटीआई एक्ट, सड़क सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण, भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवाद, पारिवारिक विवादों का विधिक समाधान तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलभ एवं त्वरित न्याय की व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इसके साथ ही नए कानून के तहत कानूनी जानकारी एवं झूठे मुकदमा से बचने के उपाय बताये उन्होंने कहां की कानूनी जानकारी ही एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा कोई भी नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और न्याय तक अपनी पहुंच सुनिश्चित कर सकता है। बिना कानून की जानकारी के, न्याय प्रणाली की जटिलताओं का सामना करना असंभव सा हो जाता है। इसके साथ ही पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। समय पर सही कानूनी सलाह प्राप्त कर व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है तथा अनावश्यक मुकदमों से भी बच सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में घबराने के बजाय विधिक सहायता प्राप्त करने की अपील की।
शिविर में उपस्थित लोगों ने विभिन्न कानूनी समस्याओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समाधान श्री राहुल रंजन के द्वारा बताया गया। मुखिया सरपंच एवं ग्रामीणों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से इस प्रकार के शिविर आयोजित करने की मांग जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया से की। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन तक कानून की जानकारी पहुँचाना, उन्हें उनके संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा न्याय तक उनकी आसान पहुँच सुनिश्चित करना रहा।
लोगों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों एवं अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शिविर में नशामुक्ति, सामाजिक न्याय, पारिवारिक विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता, महिलाओं के अधिकार एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं जनहितकारी बताया। पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जानकारी पहुँचाने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर मुखिया रेखा देवी , मुखिया प्रतिनिधि ब्रह्मानंद विश्वास, सरपंच कपिलदेव सदा, उपमुखिया सुशिला देवी, उपमुखिया प्रतिनिधि कृष्ण कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर शिव कुमार पासवान, ग्राम कचहरी सचिव राजीव कुमार रंजन, स्वक्षता प्रवेक्षक राजू कुमार, वार्ड प्रतिनिधि मो मुर्तजा, अब्दुल जब्बार, सुशील शर्मा, मांगन राम, नूर मोहम्मद, राजेश कुमार , सुमन कुमार ठाकुर, विजय कुमार मंडल, पप्पू यादव, समेत दर्जनों की संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि आदि के साथ अपर पुलिस निरीक्षक एवं पुलिस बल मौजूद थे।
