शेखपुरा, उमेश कुमार : जिला प्रभारी मंत्री सह समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता शुक्रवार को दिनभर एक्शन मोड में रहीं। उन्होंने पहले जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक ली, फिर संभावित बाढ़-2026 की तैयारियों को लेकर आपदा प्रबंधन की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक-1: विकास योजनाओं की समीक्षा
मंथन सभागार में 27 मई को हुई बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा- मुख्यमंत्री की योजनाओं को हर हाल में धरातल पर उतारें। अगली बैठक में बिना अपडेटेड रिपोर्ट के आए तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मुख्य निर्देश:
- सभी विकास योजनाओं का शिलापट अनिवार्य रूप से लगाया जाए।
- PHED को जमीनी हकीकत बताने की हिदायत, नल-जल ऑपरेटरों का बकाया मानदेय जल्द दिलाएं।
- शेखपुरा-बरबीघा में जाम से मुक्ति के लिए DM व्यापक प्लान बनाएं।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, PHED, मनरेगा समेत 14 विभागों की प्रगति जांची गई।
- ‘जल-जीवन-हरियाली’ के तहत सभी अधिकारियों को पौधे भेंट किए गए।
बैठक-2: बाढ़-2026 की तैयारी
आज हुई दूसरी बैठक में मानसून से पहले की तैयारियों पर फोकस रहा।
मुख्य अपडेट:
- संवेदनशील इलाका: घाटकुसुम्भा अंचल सबसे संवेदनशील। माफो, गगौर, डीहकुसुम्भा, भदौसी और पानापुर पंचायतों पर विशेष नजर।
- राहत इंतजाम: विस्थापितों के लिए 10 मानव राहत शिविर और 10 कम्युनिटी किचन एक्टिव मोड में रहेंगे।
- संसाधन: 3,010 पॉलीथिन सीट्स उपलब्ध, 3,500 और मांगी गईं। 20 नाव, 22 गोताखोर, 19 लाइफ जैकेट बढ़ाने का निर्देश।
- NDRF/SDRF: जरूरत पर टीम तैनात रहेगी। बाउघाट पुल की ऊंचाई बढ़ाने का आदेश।
- किसान को राहत: बाढ़ में फसल नुकसान पर मुआवजा देने का प्रयास होगा। लूज बिजली तार, पशु चारा, दवा पहले से तैयार रखने को कहा।
कौन रहे मौजूद: दोनों बैठकों में प्रभारी DM, SP, DDC, सिविल सर्जन, SDM, जिला परिषद अध्यक्षा, शेखपुरा-बरबीघा के विधायक और सभी जिला-प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
