बिहार

बिहार : सीएम सम्राट चौधरी की 3 अहम बैठकें : नल-जल का समय बढ़ेगा, सभी जिले फोरलेन से जुड़ेंगे

पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी :  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ‘संकल्प’ सभागार में लगातार तीन विभागों की समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। PHED, पथ निर्माण और उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में सीएम ने पेयजल, सड़क और शिक्षा पर बड़े फैसले लिए।

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  1. हर घर नल का जल: सुबह-शाम 1-1 घंटा ज्यादा मिलेगा पानी
    लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की बैठक में CM ने नल-जल योजना की आपूर्ति समय सुबह और शाम एक-एक घंटा बढ़ाने का निर्देश दिया।
    अहम फैसले:
  • AI से शिकायत निपटारा: पेयजल की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग होगा।
  • गुणवत्ता जांच: हर 2-3 माह में पंचायतवार और वार्ड स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच होगी।
  • 30 जून तक चापाकल: जहां जरूरत है वहां 30 जून से पहले नए चापाकल लगाए जाएंगे।
  • भू-जल निगरानी: भू-जल संरक्षण योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश।
    बैठक में PHED मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मौजूद थे।
  1. सड़क कनेक्टिविटी: सभी जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेंगे
    पथ निर्माण विभाग की बैठक में CM ने कहा कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन से कनेक्ट किया जाए। सुदूर इलाकों से 5 घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य है।
    बड़े निर्देश:
  • काम में तेजी: सभी एक्सप्रेस-वे, NH, स्टेट हाई-वे का निर्माण तीव्र गति व गुणवत्ता से पूरा हो।
  • आर्थिक कॉरिडोर:पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक विरासत, औद्योगिक कॉरिडोर, कृषि क्षेत्र और बाजारों को बेहतर सड़क से जोड़ें।
  • पुलों पर फोकस: पुलों की गुणवत्ता की लगातार जांच हो। विक्रमशिला पुल का स्थायी पुनर्स्थापन विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर कराएं।
  • डेडलाइन: कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन पुल का काम जुलाई के पहले सप्ताह में पूरा करें।
    बैठक में डिप्टी सीएम बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, NHAI के अधिकारी मौजूद थे।
  1. उच्च शिक्षा: 1 जुलाई से 211 प्रखंडों में शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई
    उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में CM ने डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दिया।
    मुख्य ऐलान:
  • दानदाता का सम्मान: कॉलेज के लिए जमीन दान देने वाले के नाम पर कॉलेज का नामकरण होगा। भवन निर्माण में सहयोग करने वाले के नाम पर परिसर के हिस्से का नाम रखा जाएगा।
  • विक्रमशिला विवि: पुनर्स्थापना के लिए भारत सरकार को जल्द जमीन हैंडओवर होगी।
  • टॉप-10 से MOU: बिहार के कॉलेजों को संबद्ध करने के लिए देश के टॉप-10 विश्वविद्यालयों से MOU होगा।
  • रिसर्च सेंटर: सभी रिसर्च सेंटर को सिस्टमैटिक व स्पेशलाइज्ड बनाया जाएगा। ए.एन. सिन्हा संस्थान को भी पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा।
  • ओपेन यूनिवर्सिटी: बिहार में और ओपेन यूनिवर्सिटी खोलने के लिए देशभर का अध्ययन होगा।
    सीएम ने कहा कि नए कॉलेज ऐसी जगह बनें जहां छात्रों को आवागमन में दिक्कत न हो। बैठक में शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर मौजूद थे।

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