दिल्ली, सोनू कुमार : भारत और साइप्रस ने आज आतंकरोधी, नवाचार और प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और अनुसंधान तथा सांस्कृतिक सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह की स्थापना सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौते किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों में सहयोग सहित क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारत और साइप्रस के बीच मित्रता न केवल मजबूत है बल्कि भविष्योन्मुखी भी है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से नई संभावनाएं उभरी हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ा है। श्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में निवेश प्रवाह को फिर से दोगुना करना है। उन्होंने कहा कि साइप्रस के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा है और दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा तथा आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देश यूक्रेन और पश्चिम एशिया संघर्ष को शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस इस बात पर एकमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने कहा कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के आपसी संबंध और यूरोपीय संघ तथा भारत के संबंधों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
इससे पहले आज सुबह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाकात की। सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग के लिए राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स के विचारों और मार्गदर्शन की सराहना की।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए श्री क्रिस्टोडौलाइड्स का यह पहला भारत दौरा है। भारत और साइप्रस के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक साझेदारी है। दोनों देश अगले साल फरवरी में राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे।
