पटना, आशीष रंजन पत्रकार : जनजातीय गरिमा उत्सव-2026 के तहत बिहार राज्य अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान ने बुधवार को ‘तकनीक आधारित जनजातीय विकास’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता SC/ST कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने की। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास के लिए शोध और तकनीकी नवाचारों को जमीन से जोड़ना जरूरी है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
विभागीय सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने कहा कि जनजातीय समूहों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना बड़ी चुनौती है। इसमें एआई अहम भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों ने रखे विचार:
कार्यशाला में आईआईटी पटना के प्रो. डॉ. प्रीतम ने जनजातीय विकास में AI के उपयोग पर, सहायक प्रो. डॉ. चेतन कुमार पटेल ने ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार पर, फिलो ऐप के दीपेश कुमार सिंह ने जनजातीय शिक्षा में AI पर, सी-डैक के सगुण बैजल ने डिजिटल इंडिया के लिए इंटेलिजेंस पर और प्रदान संस्था के शमशाद परवेज ने ग्रामीण आजीविका में तकनीक की भूमिका पर विचार रखे।
इसके अलावा वाधवानी एआई समूह की अदिति पुथरन ने जनजातीय विकास में AI, जनजातीय कार्य मंत्रालय की तकनीकी टीम ने AI चैटबॉट व FRA तकनीक और आईआईटी पटना की सहायक प्रो. श्वेता सिन्हा ने लुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं व तकनीकी एकीकरण पर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में राज्य के 24 जनजातीय जिलों के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी व विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
