बिहार

ऑटिज्म को लेकर उत्कर्ष सेवा संस्थान के दिव्यांग बच्चों ने किया जागरुक : मनीषा

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्व ऑटिज्म दिवस के उपलक्ष्य पर उत्कर्ष सेवा संस्थान ने जागरूकता मार्च निकाली। संस्थान के दिव्यांग बच्चों ने जगह- जगह पम्पलेट का वितरण किया। साथ ही विश्व ऑटिज़्म दिवस के अवसर पर बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से विभिन्न श्लोगन लिखकर जन- जागरुकता लाने का प्रयास किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऑटिज़्म के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित बच्चों के प्रति संवेदनशीलता व समावेशिता को प्रोत्साहित करना था।

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इस अवसर पर संस्था की सचिव मनीषा कृष्णा ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर की शुरुआती पहचान, समय पर हस्तक्षेप और उचित देखभाल जरुरी है। ऑटिज़्म के प्रति जागरुकता जरुरी है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है, जिसे समझने और स्वीकार करने की आवश्यकता है। यदि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर उचित हस्तक्षेप किया जाए तो बच्चे बेहतर जीवन जी सकते हैं। समाज को ऐसे बच्चों के प्रति संवेदनशील और सहयोगी बनना होगा, तभी हम एक सच्चे समावेशी समाज का निर्माण कर पाएंगे। यही वजह है कि हमारे संस्थान के बच्चों ने कई जगहों पर पोस्टर बांटे और लोगों को इसकी जटिलता से अवगत कराया है। इस अवसर पर एक रैली निकाली गयी। जिसके माध्यम से डॉ मनीषा कृष्णा, आशा कुमारी, हेमंत कुमार, अवजीत कुमार, ज्योति कुमारी धनंजय गिरी, साथ ही अभिवावकों ने भी ऐसे बच्चों को समाज में सहभागिता दिलाने का संकल्प लिया।

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