शेखपुरा, उमेश कुमार : शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा द्वारा मारिया आश्रम स्थित महिला शिक्षण केंद्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य मुख्य अतिथि शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। जिला पदाधिकारी महोदय ने नारी शक्ति के सम्मान और समाज में उनके योगदान पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में मारिया आश्रम प्रबंधन द्वारा जिला पदाधिकारी महोदय का भव्य स्वागत किया गया।
उन्हे ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रतीक स्वरूप पौधा और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह भेंट न केवल अतिथि सत्कार का हिस्सा थी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिला प्रशासन और संस्था की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। मारिया आश्रम के बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया। मारिया आश्रम के बच्चों के द्वारा गीत-संगीत के द्वारा सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। विभिन्न कलाकारों के द्वारा नुक्कड़ नाटकों के जरिए समाज को झकझोरने वाले संदेश दिए।
“हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं” जैसे नारों से महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया गया। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ “आज बेटी नहीं बचाओगे तो दुल्हन कहाँ से लाओगे” और “अनदेखी बिटिया करे पुकार, मत करो भ्रूण हत्या/अत्याचार” जैसे भावुक संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। कलाकारों के द्वारा रोजगार और चीनी मिल की गूँज सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन पर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बेरोजगारी की समस्या को प्रभावी ढंग से उठाया। स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए “चीनी मिल चालू करने” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रदर्शन के माध्यम से ध्यान आकृष्ट किया गया, ताकि युवाओं और महिलाओं को घर के पास ही काम मिल सके।
इस अवसर पर मारिया आश्रम के प्रिंसिपल, शिक्षक गण, बड़ी संख्या में बच्चे और समाज के बुजुर्ग उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और महिलाओं के उत्थान के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया। श्री शेखर आनंद जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या पर रोक लगे और रोजगार भी मिले। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगिता परीक्षा में 35 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को सरकार के द्वारा दिया जा रहा है और सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बढ़ चढ़ कर महिलाएं भाग ले रही है। महिलाएं अपने अपने कर्तव्यों को सही निर्वहन भी कर रही है।
