बिहार

बिहार में दो सहकारी चीनी मिलों की स्थापना के लिए NFCSF के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

पटना,   सुनील कुमार : बिहार राज्य के सात निश्चय-3 “समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार” की प्रतिबद्धता को साकार रूप देने के लिए राज्य में पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू करने तथा नयी चीनी मिलों की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है तथा इस क्रम में सहकारिता विभाग को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी दी गई है। वर्ततमान में मधुबनी जिले के सकरी एवं दरभंगा जिले के रैयाम में बंद चीनी मिलों के स्थान पर नयी सहकारी चीनी मिल की स्थापना की जा रही है।

आज सहकारिता विभाग, बिहार सरकार द्वारा ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (National Federation of Co-operative Sugar Factories Ltd.),नई दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया है।

सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव, मो० अब्दुल रख खाँ तथा राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (NFCSF), नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक, श्री प्रकाश नाईकनवारे द्वारा MoU पर हस्ताक्षर किया गया।

इस समझौते के तहत राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि० सकरी एवं रैयाम में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए *संभाव्यता (Viability) प्रतिवेदन एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करेगी। इसके अतिरिक्त NFCSF को अन्य परामर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने की भी जिम्मेवारी सौपी गई है। सकरी एवं रैयाम में गन्ना कॉम्पलेक्स का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें चीनी उत्पादन के साथ-साथ power generation, इथेनॉल उत्पादन तथा Compressed Bio Gas (CBG)उत्पादन भी सम्मिलित है। बंद पड़ी सकरी चीनी मिल में 30.848 एकड़ तथा रैयाम चीनी मिल में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध है जिसे सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

NFCSF द्वारा प्रथम चरण में संभाव्यता प्रतिवेदन तैयार कर समर्पित किया जाएगा जिसकी स्वीकृति उपरांत चीनी मिल की स्थापना हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर समर्पित किया जाएगा। DPR की स्वीकृति उपरांत कार्यान्वयन एजेंसी निर्धारित कर शीघ्र कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

समझौता ज्ञापन कार्यान्वयन कार्यक्रम में ही NFCSF की टीम भी पटना आई हुई है तथा आज शाम को ही यह टीम सकरी तथा रैयाम में क्षेत्र अध्ययन के लिए प्रस्थान कर चुकी है। यह टीम दरभंगा एवं मधुबनी में अगले 7-8 दिनों तक क्षेत्र का अध्ययन करेगी।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, बिहार डॉ० प्रमोद कुमार द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य में तत्काल सकरी तथा रैयाम में दो सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की जा रही है। सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों की सहकारी समिति बनेगी जिसके माध्यम से गन्ना उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार उपलब्ध होगी। गन्ना उत्पादकों को गन्ना का उचित मूल्य प्राप्त होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई पूंजी का संचार होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित श्री प्रकाश नाईकनवारे, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (NFCSF), नई दिल्ली द्वारा बताया गया कि देश के विभिन्न राज्यों में चीनी मिल की स्थापना, पुनरूद्धार में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि० (NFCSF), नई दिल्ली को काफी अनुभव प्राप्त है। NFCSF के तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से बिहार में चीनी मिल की स्थापना से राज्य के उद्योग में समृद्धि होगी। प्रबंध निदेशक महोदय द्वारा विश्वास दिलाया गया कि बिहार सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिए उनकी संस्था सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना, श्री अनिल कुमार झा ने कहा कि बिहार में चीनी उत्पादन का बहुत पुराना इतिहास रहा है, बिहार में गन्ना उत्पादन की असीम सम्भावनाएँ हैं। सकरी और रैयाम में सहकारिता मॉडल पर चीनी मिलों की स्थापना का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (NFCSF), नई दिल्ली को सकरी एवं रैयाम में नयी चीनी मिलों की स्थापना के लिए संभाव्यता (Viability) प्रतिवेदन एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने हेतु MoU पर हस्ताक्षर किया गया है ताकि जल्द से जल्द सकरी एवं रैयाम में सहकारी चीनी मिलों को पुनः प्रारम्भ किया जा सके।

श्री धर्मेन्द्र सिंह, सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार द्वारा यह विश्वास व्यक्त किया गया कि NFCSF के व्यापक अनुभव एवं विशेषज्ञता से राज्य में सहकारी चीनी मिलों की स्थापना प्रक्रिया को गति मिलेगी और परियोजनाएं आर्थिक रूप से viable बन सकेंगी।श्री रजनीश कुमार सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार द्वारा उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों का स्वागत करते हुए कहा गया कि यह डवन बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों, सहकारी समितियों तथा चीनी उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन विकास कुमार बरियार, अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ बिहार द्वारा दिया गया।

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