पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) गुरुवार को बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति (BSSS) एवं सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी – एडीआरआई (CHP–ADRI) के संयुक्त तत्वावधान में पूर्णिया स्थित होटल पार्क स्क्वायर में निजी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए “एंटी-फ्रॉड एवं क्वालिटी डॉक्यूमेंटेशन” पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज मधेपुरा सहरसा एवं सुपौल जिलों के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत धोखाधड़ी निरोधक उपायों को मजबूत करना, गुणवत्ता दस्तावेजीकरण को सुदृढ़ करना तथा स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस एवं हेल्थ बेनिफिट पैकेज के अनुपालन को सुनिश्चित करना था। कार्यशाला की शुरुआत डॉ. आलोक रंजन, निदेशक – ऑपरेशन, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा स्वागत भाषण एवं उद्देश्य प्रस्तुति के साथ किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कन्नौजिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इसके पश्चात कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे बीएसएसएस के प्रशासनिक पदाधिकारी शैलेश चंद्र दिवाकर ने एंटी-फ्रॉड पर मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों को धोखाधड़ी की रोकथाम हेतु आवश्यक कदमों से अवगत कराया। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में सीएचपी-एडीआरआई कंसल्टेंट डॉ. गुरिंदर रंधावा एवं डॉ. आलोक रंजन द्वारा धोखाधड़ी की रोकथाम, गुणवत्ता दस्तावेजीकरण, केस स्टडीज और निदेशक – हेल्थकेयर, बीएसएसएस डॉ. नीरज कुमार सिंह एवं सीएचपी-एडीआरआई सत्येन्द्र कुमार द्वारा स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस एवं हेल्थ बेनिफिट पैकेज पर प्रोटोकॉल अनुपालन विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को रियल-टाइम रिपोर्टिंग हेतु आईएचआईपी पोर्टल के उपयोग पर जिला आईडीएसपी सेल एवं एडीआरआई टीम ने जागरूक किया। अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधान पर सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन एडीआरआई टीम द्वारा किया गया। कार्यशाला के अंत में सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी – एडीआरआई (CHP–ADRI) के टीम लीड डॉ० सूरज शंकर ने प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्राप्त सुझाव योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं धोखाधड़ी निरोधक उपायों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर जिला क्रियान्वयन इकाई, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल जिलों के डीपीसी एवं एडीआरआई टीम की ओर से इन्द्रजीत गोस्वामी, दिलीप, संजीव, पवन एवं अन्य उपस्थित रहे।
