पटना, अजीत। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदलते नज़र आ रहे हैं। बिहार स्टेट मोमिन कॉन्फ्रेंस (क्यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तनवीर अंसारी ने आज विपक्ष के नेता और राजद सुप्रीमो तेजस्वी प्रसाद यादव से उनके आवास पर मुलाकात कर पिछड़े मुसलमानों के हक़ और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर गहन चर्चा की। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि एक बड़े राजनीतिक गठजोड़ का संकेत है. बैठक में शैक्षणिक अवसरों का विस्तार, रोज़गार सृजन, और विधानसभा चुनाव में पिछड़े मुस्लिम समाज को राजनीतिक रूप से मज़बूत करने पर विस्तृत रणनीति पर बातचीत हुई।
तेजस्वी यादव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कह”यह सच है कि पिछड़े मुसलमानों के साथ लगातार हकमारी हुई है. हमारी पार्टी इन्हें पूरा सम्मान और प्रतिनिधित्व देगी.” उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी संगठनों के नेताओं को बुलाकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने का भरोसा दिया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह गठजोड़ होता है तो कई विधानसभा क्षेत्रों में समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं, ख़ासकर उन इलाक़ों में जहाँ पिछड़े मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
तनवीर अंसारी ने”जब तक पिछड़े मुस्लिम समाज के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा रहेगा.”उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार के लगभग 20 प्रभावशाली बैकवर्ड संगठनों के राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्ष और कई सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ राजद का दामन थामने को तैयार हैं। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष तनवीर अंसारी, उपाध्यक्ष फैज़ अकरम, सचिव मोहम्मद सदाब आलम और सदस्य शरिक राजा मौजूद रहे।
