पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राज्य में चिन्हित फ़ाइलेरिया मरीजों को शत-प्रतिशत एमएमडीपी किट उपलब्ध कराया जाएगा. अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया डॉ. श्यामा राय ने सभी जिलों के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को इस बाबत निर्देश जारी किया है. ज्ञात हो कि राज्य के सभी 38 जिले फ़ाइलेरिया बीमारी से प्रभावित हैं. फ़ाइलेरिया मरीजों को अपने प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए सरकार द्वारा साल में एक बार एमएमडीपी किट प्रदान की जाती है. वर्तमान में राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 1,58,644 हाथीपांव के मरीज चिन्हित हैं.
हाल में ही हुई समीक्षा बैठक में जिलों में चिन्हित सभी हाथीपांव के मरीजों को शत-प्रतिशत एमएमडीपी किट प्रदान करने का निर्देश प्राप्त हुआ है. ऐसे जिले जहाँ एमएमडीपी किट्स उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें निर्देशित किया गया है कि अपने जिले कुल चिन्हित हाथीपांव के मरीजों के लिए पीपल्स लेप्रा फाउंडेशन से किट्स की खरीदारी कर ससमय इनका वितरण शुरू करें. सभी वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि सभी लाइन लिस्टेड मरीजों को किट प्रदान करना सुनिश्चित करें एवं अपने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर द्वारा मरीजों को एमएमडीपी किट प्रदान करना भी सुनिश्चित करें.
पीपल्स लेप्रा फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है किट:
ज्ञात हो कि वर्ष 2023-24 में कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के अनुमोदन के बाद राज्य में कार्यरत लेप्रा सोसाइटी की उपशाखा पीपल्स लेप्रा फाउंडेशन के द्वारा सभी जिलों को एमएमडीपी किट की खरीद के लिए निर्देशित किया गया था. पिछले दो वर्षों से जिलों द्वारा पीपल्स लेप्रा फाउंडेशन से निरंतर किट की खरीद एवं वितरण किया जा रहा है.
निर्देशित किया गया है कि ने बताया कि राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरंतर क्षेत्र के भ्रमण किया जाएगा जिसमे एमएमडीपी किट की उपलब्धता एवं मरीजों को एमएमडीपी किट प्राप्त हुई है या नहीं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसकी रिपोर्ट राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया एवं कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार को भेजी जाएगी.
