फुलवारी शरीफ, अजीत पटना के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में 3 से 5 मार्च 2025 तक पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को एम्स पटना के निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की अधिकारी स्वाधा रिज़बी ने इस कैंप का शुभारंभ किया।
एम्स निदेशक डॉ. वार्ष्णेय ने पासपोर्ट सेवा को आमजन तक सुगमता से पहुंचाने की पहल की सराहना की और अधिक से अधिक लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की।
165 डॉक्टरों व कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
इस कैंप में एम्स पटना के करीब 165 डॉक्टरों और कर्मचारियों को पासपोर्ट संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। भारत सरकार की “पासपोर्ट आपके द्वार” योजना के तहत आयोजित इस कैंप में नए और पुनर्निर्गमित पासपोर्ट आवेदनों को स्वीकार किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन?
प्रतिदिन 55 लोगों को अप्वाइंटमेंट स्लॉट दिए जाएंगे।
आवेदन करने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।
अप्वाइंटमेंट के दिन आवेदकों को मूल दस्तावेजों और उनकी स्व-अभिप्रमाणित प्रतियों के साथ एम्स परिसर में मौजूद पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन में उपस्थित होना होगा।
पहली बार एम्स में आयोजित, देशभर में सातवां कैंप
एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पहली बार पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही, बीते छह महीनों में यह देशभर में आयोजित होने वाला सातवां कैंप है।
यह पहल पासपोर्ट सेवाओं को नागरिकों तक आसानी से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पासपोर्ट सेवा वैन – एक नई पहल
पटना के एम्स परिसर में हलचल बढ़ गई थी। डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच उत्साह था, क्योंकि पहली बार पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप का आयोजन किया जा रहा था। यह कैंप 3 से 5 मार्च 2025 तक चलने वाला था, और इसकी शुरुआत खुद एम्स के निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की अधिकारी स्वाधा रिज़बी ने की थी।
एक नई उम्मीद
डॉ. अंशुल, जो एम्स पटना में एक युवा सर्जन थे, लंबे समय से अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए परेशान थे। हर बार व्यस्त शेड्यूल के कारण वह पासपोर्ट कार्यालय तक नहीं जा पाते थे। लेकिन जब उन्हें इस कैंप के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत ऑनलाइन आवेदन कर दिया।
उसी तरह, नर्सिंग स्टाफ की अनुभवी सदस्य, सुनीता दीदी, भी अपने बेटे के विदेश में पढ़ाई के लिए पासपोर्ट बनवाना चाहती थीं। परंतु समय निकाल पाना उनके लिए भी मुश्किल था। यह कैंप उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं था।
पासपोर्ट वैन – सुविधा आपके द्वार
पहले ही दिन, एम्स के डॉक्टर, नर्स, और अन्य कर्मचारी अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट सेवा वैन के पास पहुंचे। सफेद और नीले रंग की इस वैन में सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद थीं। अधिकारी बड़ी ही व्यवस्थित तरीके से सभी आवेदकों के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे और आवेदन प्रक्रिया पूरी करवा रहे थे।
डॉ. अंशुल को अपनी बारी आते ही अंदर बुलाया गया। “यह सच में बहुत अच्छा अनुभव है। न तो लंबी कतारें, न ही बार-बार पासपोर्ट कार्यालय जाने की परेशानी,” उन्होंने खुशी-खुशी कहा।
एक सफल प्रयास
एम्स निदेशक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “ऐसी सेवाएं डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए बहुत लाभकारी हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि सरकारी सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ती है।”
तीन दिनों तक यह वैन 165 से अधिक डॉक्टरों और कर्मचारियों की पासपोर्ट संबंधी समस्याओं का समाधान करती रही। हर दिन 55 लोगों को अप्वाइंटमेंट दिए गए, और हर कोई इस सेवा से संतुष्ट नजर आया।
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि सरकारी सेवाएं अब सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों की सुविधा के लिए उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। और इस बार, एम्स पटना के डॉक्टरों और कर्मचारियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा हुआ।
