अररिया, रंजीत ठाकुर स्वस्थ व सेहतमंद जिंदगी के लिए शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी है। सुदूरवरी ग्रामीण इलाकों में अवस्थित स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मामलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में अररिया प्रखंड के रामपुरकोदरकट्टी, भोजपुर, मुडबल्ला, बैरागाछी, फारबिसगंज के मिर्जापुर, हरिपुर जोकीहाट के गैरकीमसूरिया सिकटी के तीरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संबंधित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ, जीएनएम, एएनएम, आशा, पारा मेडिकल स्टाफ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। जागरूकता कार्यक्रम में सदर अस्पताल में कार्यरत साइकोलॉजिस्ट शुभम कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य की तरह अपने मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत के प्रति उन्हें जागरूक किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित भ्रांतियों को दूर करना जरूरी
साइकोलॉजिस्ट शुभम कुमार ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में कई भ्रांतियां व्याप्त हैं। इस कारण सही समय पर अपना इलाज नहीं करते हैं। मानसिक समस्याओं को कमजोरी समझने की बजाय इन्हें एक सामान्य बीमारी की तरह देखा जाना चाहिए। इससे जुड़ी किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। आज के व्यस्ततम जीवनशैली में तनाव हर जगह व्याप्त है। कोई भी व्यक्ति आसानी से इसका शिकार हो सकता है। इसलिए अपनी सोच, विचार, व्यवहार व प्रतिक्रियाओं को प्रबंधित करने की जरूरत हर किसी को है। अन्यथा तनाव आपके जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्कूल, कॉलेजों, विभिन्न कार्यस्थल व समुदाय के बीच मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। ताकि आम लोगों को संबंधित मामलों के प्रति जागरूक किया जा सके।
खुशहाल जीवन के लिये मानसिक रूप स्वस्थ होना जरूरी
एनसीडीओ डॉ राजेंद्र कुमार ने बताया कि व्यक्ति के संपूर्ण विकास व खुशहाल जीवन के लिये मानसिक रूप स्वस्थ होना जरूरी है। आज के समय में तनाव, चिंता व अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके पीछे कार्यस्थल का दबाव, पारिवारिक तनाव, अस्वस्थ जीवनशैली व सामाजिक अलगाव जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं। यदि इनका समय पर समाधान नहीं किया गया तो ये गंभीर मानसिक बीमारियों का रूप ले सकती हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखने के लिये नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग व ध्यान बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा किसी तरह की मानसिक परेशानी महसूस होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने में किसी तरह का कोई संकोच नहीं किया जाना चाहिए।
