अररिया, रंजीत ठाकुर जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वाधान में समाहरणालय स्थित आत्मन सभागार में परिवार सशक्तिकरण एवं परिवार आधारित वैकल्पिक देखभाल, परवरिश, प्रायोजन योजना, दत्तक ग्रहण, बाल देख-रेख आवश्यकता वाले बच्चों एवं विधि विवादित बच्चों के पुनर्वासन हेतु एक दिवसीय बैठक सह संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त बैठक सह कार्यशाला में संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, संबंधित हितधारकों एवं गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया शंम्भू कुमार रजक द्वारा बताया गया कि प्रायोजन योजना का लाभ अनाथ एवं बेसहारा बच्चों को दिए जाने हेतु विभाग एवं जिला पदाधिकारी अररिया के निर्देशानुसार विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इस तरह के अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा सके। साथ ही बैठक में दत्तक ग्रहण संस्थान के संबंध में भी जानकारी दी गई। बच्चा गोद लेने की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक समन्वयक, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के द्वारा विस्तार से बताया गया।
पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय में अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के प्रति पुलिस प्रशासन सदैव तत्पर हैं। उन्होंने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को संवेदनशील के साथ काम करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही प्रायोजन योजना में भी सहयोग करने के लिए निदेश दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने अपने अपने कार्यालय द्वारा संचालित योजनाएं से अवगत कराया जिनसे बच्चों एवं उनके माता-पिता को जोड़ा जा सके।
राज्य प्रशिक्षक मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के प्रतिनिधि श्री जितेन्द्र पंडित ने स्लाइड के माध्यम से बच्चों के लिए परिवार का महत्व गैर स्थानीयकरण एवं अभिसरण के साथ परिवार सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सभी बच्चों के लिए एक स्नेह पूर्ण परिवार देने हेतु विस्तार से जानकारी दी गई। इस मौके पर जिला प्रोगाम पदाधिकारी, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, सिविल सर्जन, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।
