बिहार

श्री राजगृह जी सिद्ध क्षेत्र पर जन्मभूमि मन्दिर में 24 रत्नों की प्रतिमाऐ नवनिर्मित वेदी में हुई विराजित

राजगीर, (न्यूज क्राइम 24) जैन धर्म के बीसवें तीर्थंकर देवाधिदेव भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की चार कल्याणक एवं 23 तीर्थंकरों के समोशरण से सुशोभित पावन धरा श्री राजगृह जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र, राजगीर बिहार में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की जन्मभूमि मन्दिर में भव्य वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं जिनबिम्ब स्थापना का कार्यक्रम दिनांक – 22 मार्च से 23 मार्च 2024 तक छिंदवाड़ा (राजस्थान) से आये पंडित शरद कुमार जी बनारसी के मंगल सानिध्य विधिवत रूप मंत्रोच्चार के साथ सानन्द सम्पन्न हुआ। विदित हो कि राजगृह जी सिद्ध क्षेत्र पर अध्यात्म योगी चर्याशिरोमणी आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से सभी जिनप्रतिमाओ का पंचकल्याणक श्री सम्मेदशिखर जी में सम्पन्न किया गया था।

कार्यक्रम के प्रथम दिन झंडोतोलन के पश्चात निकाली गई भव्य घटयात्रा


वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन प्रातः भक्तिपूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा से की गई इसके बाद झंडोतोलन का कार्यक्रम आयोजित हुआ तत्पश्चात महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा सर पर स्वर्ण कलश लेकर भव्य घटयात्रा गाजेबाजे के साथ जैन ध्वज लेकर प्रभु के जयकारें लगाते हुए जन्मभूमि से निकाली गई। घटयात्रा बस स्टैंड होते हुए धर्मशाला मन्दिर आकर समाप्त हुई।

पुण्यार्जक परिवार द्वारा याग मण्डल विधान, नवग्रह विधान की हुई आराधना पंडित शरद कुमार जी बनारसी के मंगल सानिध्य में विधान मंडप की शुद्धि कर यागमण्डल विधान एवं नवग्रह विधान का आयोजन पूरे विधि विधान से मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। पूजन विधान की समाप्ति के बाद श्रीजी को विराजमान करने हेतु वेदी शुद्धि की गयी। कार्यक्रम की संध्या उपस्थित सभी लोगों ने संयुक्त रूप से 121 मालाओं का जाप किया।

Advertisements
Ad 1

दूसरे दिन सभी जिनबिम्ब प्रतिमाओं को वेदी में किया गया विराजमान


दो दिन तक चले इस अनुष्ठान के अंतिम दिन सभी जिनबिम्ब प्रतिमाओं को नवनिर्मित वेदी में श्रीजी की जयकारों के बीच विराजमान कर भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा पुण्यार्जक परिवारों द्वारा सर्वप्रथम कर सभी लोगों ने भी भावपूर्वक अभिषेक किया।

हवन के पश्चात विधिवत कार्यक्रम का हुआ समापन जन्मभूमि मन्दिर, राजगीर में हुए आयोजन के अंतिम दिन पूजन हवन एवं महाआरती के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत समापन हर्सोल्लास पूर्वक समापन किया गया। कार्यक्रम की विशेष जानकारी देते हुए प्रबंधक संजीत कुमार जैन ने बताया कि प्रतिमा विराजमान हेतु दो वर्षों के लंबे के बाद सभी रत्नों की जिनप्रतिमाओ को नवनिर्मित में विराजित की गई। इस कार्यक्रम में संजीत जैन, मुकेश जैन, विमल जैन, रवि कुमार जैन, विकास जैन, संकेत जैन, मनोज जैन, बैजनाथ जैन, मनीष जैन, अनूप जैन, ज्ञानचंद जैन, सोनु जैन एवं अन्य प्रांतों से आये जैन धर्मावलंबी उपस्थित हुए।

Related posts

होलिका दहन व होली को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

संपूर्णता अभियान के तहत विज्ञान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

आर्केस्ट्रा के दौरान हुई हर्ष फायरिंग, गोली के बारूद बके छींटे से नेपाल की डांसर हुई घायल, पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया

error: