फुलवारी शरीफ, अजीत। पटना के गौरीचक थाना अंतर्गत बलुआ चक गांव में 9 साल और 6 साल के दो सगे भाइयों की करंट लगने से उसे वक्त मौत हो गई जब दोनों बच्चे छत पर खेल रहे थे. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. वहीं पूरे गांव में अफरा तफरी का माहौल हो गया. आनन फ़ानन दोनों छोटे बच्चों को लोग अस्पताल लेकर भागे हालांकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद दोनों के शव को बेलदारी चक चौराहा के पास रखकर पटना गया और बिहटा सर मेरा और पटना गया पथ को ग्रामीणों ने जाम कर दिया.
आक्रोशित लोग आगजनि करते हुए घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेवार बता रहे थे. मौके पर पहुंची गौरीचक थाना पुलिस और आक्रोशित लोगों में नोक झोंक भी हुई. पुलिस टीम लोगों को समझाने बुझाने में जुटी हुई थी. सड़क जाम कर रहे लोगों का कहना था की घटना की जानकारी मिलने के बावजूद पुलिस टीम काफी देर से पहुंची.वही एक साथ दोनों बेटों की मौत उसकी मां पिता समेत परिवार के अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल होने लगा. पूरे गांव में मातम का माहौल हो गया.किसी को समझ में नहीं आ रहा था क्या इतनी बड़ी विपदा में परिवार वालों को कैसे ढाढस बंधाये.
घटना के बारे में कोपेंद्र कुमार उर्फ पिंटू ऊर्फ चिंटू कुमार ने बताया कि सुबह-सुबह उनके बेटे 9 साल का अंकुश कुमार और 6 साल का प्रिंस कुमार स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे. दोनों बच्चों को वह नहाने के लिए बोले. नहाने के बाद दोनों बच्चे छत पर चले गए जहां एक डंडा उनके हाथ लग गया और वह डंडा से खेलने लगे. इस दौरान डंडा 11000 करंट प्रभावित तार से सट गया. उन्होंने बताया कि उनके छत के ऊपर से ही 11000 का हाई वोल्टेज तार गुजर रहा है. वही बलुआ चक गांव के कई लोगों ने बताया कि कई बार इस तार की चपेट में आकर लोगों को करंट लग चुका है इतना ही नहीं जानवर की मौत हो गई है. बिजली विभाग को कई बार बताया गया है कि यहां कई घर बन गया है अब बिजली का तार यहां से हटाया जाए या 11000 बिजली के तार को क़वर किया जाए ताकि करंट से लोग बच सके. लापरवाह बिजली विभाग के अधिकारी कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिए जिससे आज बड़ी घटना घट गई.
