बिहार

नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (NTPC) का पर्यावरण एवं स्थानीय समुदाय के विकास एवं उन्नति में निरंतर दे रहा अपना योगदान : चंदन कुमार

औरंगाबाद, प्रमोद सिंह। नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (NTPC) का पर्यावरण एवं स्थानीय समुदाय के विकास एवं उन्नति में निरंतर दे रहा अपना योगदान। बताते चले की नबीनगर सुपर थर्मल पावर(NTPC) नवीनगर के सीजीएम चंदन कुमार समानता ने भास्कर भवन सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा की यह विधुत प्लांट प्रोजेक्ट एक कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट है जो बिहार के औरंगाबाद जिले के ग्राम अंकोरहा, नबीनगर में स्थित है। बिजली संयंत्र का स्वामित्व नबीनगर पावर जनरेटिंग कंपनी के पास है। शुरुआत में एनटीपीसी लिमिटेड और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के बीच 50:50 का संयुक्त उद्यम।

नबीनगर संयंत्र की क्षमता 4380 मेगावाट (660 मेगावाट X 6) होगी। शुरुआत में परियोजना की उत्पादन क्षमता 3960 मेगावाट होनी थी, लेकिन 2016 में उत्पादन क्षमता बढ़कर 4380 मेगावाट हो गई।4700 मेगावाट विंध्याचल थर्मल पावर स्टेशन (सिंगरौली ) और महाराष्ट्र बेलार के बाद नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट भारत में तीसरी सबसे बड़ी बिजली परियोजना है।

यह सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट 2970 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें टाउनशिप के लिए 150 एकड़ जमीन और रेल कॉरिडोर के निर्माण के लिए 63 एकड़ जमीन शामिल है।17 अप्रैल 2018 को, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार राज्य मंत्रिमंडल ने नबीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी को नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन को सौंपने की मंजूरी दे दी। 15 मई 2018 को, बिहार सरकार ने थर्मल प्लांट को 33 साल की लीज पर नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन को सौंपने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। नबीनगर संयंत्र के लिए बिहार को संयंत्र से उत्पादित बिजली का 78%, यूपी को 11%, झारखंड को 3% और सिक्किम को 1% मिल रहा है।

वही सीजीएम चंदन कुमार सामंता ने एनटीपीसी परिसर में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को बताया कि स्टेशन द्वारा विद्युत उत्पादन के नए मापदंडों को स्थापित करने के साथ-साथ कर्मचारी कल्याण गतिविधियों पर तथा कर्मचारी एवं उनके परिवार जनों के स्वर्गिंग विकास को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न संस्कृति का आयोजन भी किए जाते हैं तथा साथ ही साथ समय-समय पर स्टेशन के विभिन्न संगठनों के तहत आयोजित कार्यक्रमों का भी स्टेशन से वातावरण को उल्लास वर्धक बनाए रखने के लिए सक्रिय योगदान दिया जाता है।

स्टेशन की विभिन्न गतिविधियों के प्रति सजग रखते हुए अब पर्यावरण एवं स्थानीय समुदाय के विकास एवं उन्नति के लिए सदेव प्रतिबद्ध है और निरंतर इस दिशा में अपना योगदान दे भी रहे हैं। तथा लक्ष्य अर्चित करने की प्रक्रिया में टीम एनटीपीसी के प्रत्येक सदस्य का योगदान महत्वपूर्ण है। मैं सभी के लग्न एवं निष्ठा पूर्वक किए गए प्रयासों की सराहना भी करता हूं तथा एक संकल्प भी लेता हूं कि हम सब मिलकर अपने प्रयासों से परियोजना में नित नए आयामो को प्रतिस्थापित करने का संकल्प करें। आपको बताते चले कि एनटीपीसी बिहार के औरंगाबाद जिले को सबसे कम 2.41 प्रति यूनिट सस्ता बिजली उपलब्ध कराता है। इस पावर प्लांट के माध्यम से कई सामाजिक कार्य एवम पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कम किया जा रहा है, इस मौके पर महाप्रबंधक अमित कुमार पपनेजा, ए.के.त्रिपाठी, आर.पी अग्रवाल, एके त्रिपाठी एवम आभा पांडेय आदि लोग उपस्थित थे।

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