बिहार

एम्स पटना में एचआईवी पॉजिटिव मरीज की किडनी की दुर्लभ सर्जरी की गई

पटना(अजीत यादव): एम्स पटना में यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने एक एचआईवी पॉजिटिव युवा मरीज़ के गुर्दे की पथरी निकालने के लिए इसी हफ्ते एक दुर्लभ सर्जरी की. सर्जरी बाद अब मरीज अब ठीक होने की राह पर है.

एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. पाल ने इस दुर्लभ जीवनरक्षक सर्जरी के लिए डॉक्टरों की टीम को बधाई दी और कहा कि एम्स पटना में इस प्रकार की उन्नत और पेचीदा बीमारियों का नियमित रूप से इलाज किया जा रहा है.

दरअसल, जमुई के रहने वाले 45 वर्षीय युवक के पास केवल एक किडनी थी जो कि शरीर में अपने सामान्य स्थान पर न हो कर पेट में काफी नीचे थी (एकल एक्टोपिक किडनी) और इसमें पिछले 3 वर्षों से पथरी की समस्या उत्पन्न हो गई थी. यदि इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाता, तो इससे रोगी के गुर्दे की कार्यक्षमता कम हो सकती थी और भविष्य में उसके जीवन के लिए भी खतरा हो सकता था क्योंकि उसके शरीर में एक ही गुर्दा था.

पटना एम्स से मिलीं जानकारी के मुताबिक एचआईवी पॉजिटिव रोगी में एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी होने के कारण उसे कई अस्पतालों से वापस लौटना पड़ा. आखिरकार उसे एम्स पटना के यूरोलॉजी विभाग में रेफर किया गया, जहाँसीटी स्कैन करने के बाद उसका ठीक से निदान किया गया. यूरोलॉजी विभाग के डॉ विपिन चंद्रा, डॉ नवीन कुमार और डॉ नीतीश की टीम ने सभी सार्वभौमिक सावधानी बरतते हुए गुर्दे से सभी पथरियाँ निकाल दी. ऑपरेशन में निश्चेतना विभाग के डॉ रजनीश, डॉ संजय और डॉ अरुण की टीम द्वारा एनेस्थेटिक सहयोग दिया गया.

डॉक्टरों ने ऐसे जटिल मामलों के सफल प्रबंधन में सहयोग और प्रोत्साहन के लिए कार्यकारी निदेशक डॉजी के पाल और निरंतर समर्थन के लिए डीन और चिकित्सा अधीक्षक को धन्यवाद दिया है।

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