पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), आईआईटी पटना और रेज़िलिएंट माइंड्स फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “कैंपस क्लाइमेट वार्तालीप – इंटेंशन से एक्शन की ओर” शीर्षक से एक कार्यशाला का आयोजन बिहटा कैंपस में किया गया। कार्यक्रम दोपहर 3:00 बजे आरंभ हुआ, जिसमें विभिन्न विषयों के छात्रों ने भाग लेकर जलवायु कार्रवाई पर गहन संवाद किए।
सत्र की शुरुआत एक रोचक “मौसम रूपक” परिचय से हुई, जिसके माध्यम से छात्रों ने रचनात्मक तरीक़े से वर्तमान जलवायु स्थिति पर अपने विचार और भावनाएँ व्यक्त कीं। गतिशील संवाद और समूह चर्चाओं के जरिए प्रतिभागियों ने यह खोजा कि किस प्रकार जागरूकता को ठोस, समुदाय-आधारित कार्रवाई में बदला जा सकता है।
छात्रों ने न्यूनतम उत्पाद उपयोग और जिम्मेदार उपभोग को एक सतत ग्रह के निर्माण की कुंजी बताया। कुछ प्रतिभागियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के दुष्प्रभावों और उनके जलवायु परिवर्तन पर दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए, जिससे सतत परिवर्तन की जटिलताओं पर जीवंत बहस हुई।
रेज़िलिएंट माइंड्स फ़ाउंडेशन की संस्थापक लक्ष्मी मेहता और सह-संस्थापक अभिषेक कुमार ने छात्रों के उत्साह और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। अभिषेक कुमार ने साझा किया, “युवाओं को जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उनकी ऊर्जा, रचनात्मकता और नेतृत्व एक सतत भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। छोटे सामूहिक प्रयास भी बड़े परिवर्तनकारी प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। कार्यशाला ने जलवायु समाधान निर्माण में युवाओं की सामूहिक जिम्मेदारी को उजागर किया, और सहानुभूति, सहयोग तथा सचेत विकल्पों को एक सशक्त और रेज़िलिएंट ग्रह की दिशा में मार्ग बताया। कैंपस क्लाइमेट वार्तालीप पहल, रेज़िलिएंट माइंड्स फ़ाउंडेशन और आईआईटी पटना की एनएसएस टीम की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो छात्रों में टिकाऊ भविष्य और जलवायु नेतृत्व को विकसित करने के लिए समर्पित हैं।
