कटिहार, न्यूज़ क्राइम 24 : जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान सप्ताह मानते हुए दोनों को सुरक्षित रखने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तगत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में धात्री महिलाओं को नवजात शिशु को अगले छः महीने तक केवल नियमित स्तनपान कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए कटिहार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 01 अगस्त से 07 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन आयोजित किया जा रहा है। नवजात शिशुओं के नियमित स्तनपान कराने से माँ और नवजात शिशु बिल्कुल स्वास्थ्य रहेंगे और वे सभी परेशानी से सुरक्षित रखेंगे की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
माँ का दूध शिशु का पहला टीका है जो बच्चों को कुपोषण, डायरिया और निमोनिया से सुरक्षित करता है : डीपीओ
कटिहार आईसीडीएस जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमारी पूर्णिमा ने बताया कि नवजात शिशु को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए उन्हें माँ का दूध पिलाना आवश्यक है। माँ का दूध शिशु का पहला टीका होता है जो उन्हें कुपोषण, डायरिया और निमोनिया जैसे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखता है। इसके लिए नवजात शिशु को जन्म के 01 घंटे के अंदर माँ का पहला पीला दूध ”कोलोस्ट्रम” पिलाना चाहिए। इसके बाद नवजात शिशु को अगले 06 महीने तक सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए। इस दौरान शिशु को पानी, घुट्टी, शहद या गाय-भैस का दूध नहीं देना चाहिए।स्तनपान कराने वाली माँ को पुरा आराम करना चाहिए। इस दौरान माँ को अच्छा खाना का सेवन करना चाहिए ताकि स्तनपान सुरक्षित हो सके और नवजात शिशु स्वस्थ्य हो सके। छः महीने के बाद शिशु को अगले 02 साल तक माँ का दूध के साथ साथ ऊपरी आहार देना चाहिए जिससे माँ और शिशु बिल्कुल स्वस्थ्य और तंदुरुस्त रहें।
दूध पिलाने वाली 72% माताओं को बीमारी का खतरा कम :
राष्ट्रीय पोषण अभियान के जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए अमृत समान होता है क्योंकि जन्म से लेकर छह माह तक यदि एक नवजात शिशु को माँ का दूध पिलाया जाए तो माँ को 72 प्रतिशत स्वास्थ से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं होती है। साथ ही माँ को 28 प्रतिशत स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) में कमी और 30 प्रतिशत मधुमेह में भी कमी आती है। जो माँ अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं तो उसमें से 17 प्रतिशत महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। साथ ही 10 प्रतिशत अन्य रोगों में भी कमी आती है। वहीं 50 प्रतिशत महिलाओं को थायराइड से बचाव हो सकता है। इसलिए सभी महिलाओं द्वारा नवजात शिशु को जन्म के बाद अगले छः माह तक केवल स्तनपान कराना चाहिए और छः महीने बाद अतिरिक्त आहार के बाद स्तनपान जारी रखना चाहिए जिससे माँ और शिशु बिल्कुल स्वास्थ्य और सुरक्षित रह सकें।
