बिहार

सुहाग के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला तीज व्रत, घर-घर में अनुष्ठान शुरू

 नालंदा, राकेश  पटना बाढ़ बख्तियारपुर बद्दोपुर बिहार में अखंड सुहाग की दीर्घायु के लिए शुक्रवार को सुहागिनों ने तीज का निर्जला उपवास किया. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों के महिलाओं ने सुबह से ही घरों में हर्षोल्लास भरे माहौल में अनुष्ठान शुरू हुआ. नदियों के तट तक महिलाएं भक्ति गीतों के साथ स्नान ध्यान किया. इसे मंदिरों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. सुबह से दोपहर व शाम तक मंदिरों में महिलाएं सोलह श्रृंगार करके कथा सुनने पहुंची. वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने-अपने घरों पर ही तीज की पूजा की. सुहागिनों ने भगवान शिव, देवी पार्वती और गणेश जी की कच्ची मिट्टी से मूर्ति बनायी. साथ ही उनकी विधि-विधान से पूजन किया. बहुत से घर में पंडित से विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर कथाएं सुनीं.

महिलाओं ने की पूजा

महिलाओं ने शृंगार कर चौकी पर भगवान गणेश, मां पार्वती और भोलेनाथ की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की. सबसे पहले विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद मां पार्वती को सुहाग का जोड़ा और श्रृंगार की सामग्रियां अर्पित की गयी. तीज की कथा सुनाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती की गई.

तीज त्योहार भारतीय सभ्यता

संस्कृति परंपरा का एक हिस्सा तीज व्रती अनिता देवी, निर्जला देवी, सीमा देवी,सुधा देवी, काजल देवी ज्योति देवी अनुराधा देवी रंजन देवी उषा देवी नीतू देवी पिंक्की देवी ने कहा कि हरतालिका तीज व्रत पर 24 घंटे का निर्जला उपवास रखकर पति की लंबी आयु की कामना की. उनका कहना है कि तीज त्योहार भारतीय सभ्यता संस्कृति परंपरा की एक हिस्सा है. उसे उनके पूर्वज सदियों से मनाते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि त्योहार में महिलाएं अपनी उत्कृष्टता दिखाते हुए उमंग और खुशियों को जाहिर करती हैं.

Related posts

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍था : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्र प्रथम का दिया संदेश, सीएम ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर निकाला कैंडल मार्च

सबका सम्मान, जीवन आसान’ में शेखपुरा डीएम ने सुनीं 20 फरियादें, समयबद्ध निपटारे के दिए निर्देश

error: