दलित बस्ती में पानी का संकट, रेलवे लाइन पार काफी दूर से ग्रामीण ला रहे पानी

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): राजधानी पटना में एक बड़ी आबादी प्यास बुझाने के लिए बर्तन बासन लेकर सड़क पर उतरने का मन बना चुकी है । फुलवारी शरीफ प्रखंड के सुईथा पंचायत के वार्ड 14 मंगली चक दलित बस्ती के एक सौ परिवारो को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है । मंगली चक दलित बस्ती के निवासी पिछले कई माह से काफी दूर रेलवे लाईन पार कर पानी लाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। बीडीओ ग्राम पंचायत सहित जनप्रतिनिधियों से पेयजलापूर्ति कराए जाने की मांग दर्जनों बार की जा चुकी है लेकिन अभी तक पेयजलापूर्ति की मुक्कमल व्यवस्था नहीं कराया गया। जो हैंडपंप गांव में लगे थे वे टूटे फूटे और जर्जर हालत में हैं उससे पानी नही निकलता है। बस्ती में नल जल की व्यवस्था नही होने से पानी भरने के लिए रेलवे लाईन पार जब लोग पानी लाने जाते हैं तो वहां घंटों लाइन में लगना पड़ता है। इतना ही नही इससे आए दिन विवाद की स्थिति भी उतपन्न होते रहती है । महिलाओं का कहना है कि बस्ती में सभी दैनिक मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण निजी नलकूप खनन कराने में असमर्थ है जबकि पंचायत द्वारा समस्या का निराकरण किया नहीं जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां नल जल का कार्य कई माह से आधा अधूरा छोड़कर कार्य बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने आशंका जाहिर किया है कि साजिश और मिलीभगत से यहाँ के योजना का राशि भी निकाला।लियाँ गया हैं । फुलवारी बीडीओ को कई बार आवेदन और मोबाइल से कॉल करके समस्या निराकरण की गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन दलित बस्ती के लोगो की कोई सुनने वाला नहीं है.

वहीं इस मामले में बीडीओ जफरुद्दीन ने बताया कि मंगली चक बस्ती रेलवे लाईन के दोनो ओर पड़ता है। एक तरफ नलजल का कार्य कराया जा चुका है लेकिन दूसरी तरफ सौ परिवार वाले बस्ती में काम पूरा नही कराया गया है । यहां शुरु में बोरिंग के लिए कोई जमीन उपलब्ध नही हो पा रहा था और जब जमीन उपलब्ध हो पाता तो बोरिंग कार दिया गया है। यहां कोरोना की दूसरी लहड़ के चलते नल जल का कार्य एक्सपर्ट मजदूरों की कमी से तेज गति से नही हो पाई है । बीडीओ का कहना है कि फिर भी नल जल के पाईप बिछाने का अधूरा कार्य पूरा कराया जा रहा है और जल्द ही समस्या दूर कर पेयजलापूर्ति कर दी जायेगी।