फुलवारी शरीफ, (अजीत ) एम्स पटना के नेत्र विभाग की विशेषज्ञ टीम ने नेत्रदान के माध्यम से दो मरीजों की आँखों की रोशनी लौटाकर उन्हें नया जीवन दिया है. पहले मरीज, दुल्हिनबाजार पटना के 55 वर्षीय पुरुष हैं, जिनकी आँखों की रौशनी 14 वर्ष पूर्व चली गई थी।
उन्हें कॉर्नियल ब्लाइंडनेस की समस्या थी, जिससे वे सिर्फ धुंधली आकृतियाँ ही देख पाते थे. एम्स पटना के नेत्र विशेषज्ञों ने एम्स पटना नेत्र रोग विभाग अध्यक्ष डॉ अमित राज के नेतृत्व में आधुनिक कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सर्जरी के जरिए उनकी आँख में नया कॉर्निया प्रत्यारोपित किया.सर्जरी के बाद अब वह व्यक्ति स्पष्ट रूप से देख पा रहे हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं.
दूसरी मरीज, 30 वर्षीय महिला हैं जो संपतचक पटना की निवासी हैं.कुछ समय पहले उनकी एक आँख में संक्रमण हो गया था, जिससे कॉर्निया पिघल गया और आँख की रचना बिगड़ गई थी.एम्स पटना में चिकित्सकीय केरेटोप्लास्टी के माध्यम से उनका इलाज किया गया. नई सर्जरी के बाद उनकी आँख की आकृति बहाल हो गई और संक्रमण भी रुक गया.दोनों मरीजों के परिवारों ने एम्स पटना की टीम को दिल से धन्यवाद दिया है.
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनुप कुमार ने नेत्रदान के महत्व को रेखांकित किया है.उन्होंने लोगों से अपील की है कि नेत्रदान कर दूसरों की जिंदगी में रौशनी लाने का नेक कार्य करें.एम्स पटना नेत्र रोग विभाग अध्यक्ष डॉ अमित राज ने बताया अब तक एम्स पटना में 100 से अधिक कॉर्निया ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं.यह संस्थान कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के उपचार में बिहार का अग्रणी केंद्र बन चुका है.
