फुलवारीशरीफ, अजित। बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना में “फ्रॉम वरी टू वेलनेस” विषय पर विशेष जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तनावमुक्त और संतुलित जीवन जीने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्राणिक हीलर एवं प्रशिक्षक नेहा टाटिया थीं. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. मनोज सिंह एवं कॉलेज इंचार्ज डॉ. पुष्पेंद्र कुमार सिंह द्वारा मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ. इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पल्लव शेखर तथा प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. निर्मल सिंह दहिया ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया।
अपने संबोधन में नेहा टाटिया ने मानव शरीर में मौजूद ऊर्जा, सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव, आभामंडल तथा जीवन में उनके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने ध्यान, श्वास-प्रश्वास और विभिन्न व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को ऊर्जा का अनुभव कराया।
उन्होंने चिंता और तनाव के कारणों पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारे विचार, शब्द, कर्म, जागरूकता तथा दूसरों के प्रति व्यवहार मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने शरीर के विभिन्न चक्रों की जानकारी देते हुए उन्हें सक्रिय करने की विधियां भी बताईं. साथ ही एब्डॉमिनल ब्रीदिंग के लाभों पर प्रकाश डालते हुए इसे तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में उपयोगी बताया। अधिष्ठाता डॉ. पल्लव शेखर ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य उतना ही आवश्यक है जितना शैक्षणिक उत्कृष्टता. उन्होंने छात्रों से कार्यक्रम में बताए गए उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
