बिहार

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का अब नि:शुल्क इलाज होगा संभव

अररिया, रंजीत ठाकुर : जिले के थैलेसाीमिया पीड़ित बच्चों का अब मुफ्त में इलाज संभव होगा। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज को विशेष पहल करते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना की शुरूआत की है। इसके तहत बीमार बच्चों के बोनमैरो ट्रांसपलांट का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके लिये सरकार ने सीएमसी वेल्लोर से करार किया है। राज्य सरकार की इस पहल थैलेसीमिया पीड़ित उन बच्चे व उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। जिन्हें बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत होती है। बोनमैरो ट्रांसप्लांट के बाद बीमार बच्चों को बार-बार खून चढ़ाने की मजबूरी से स्थाई तौर पर निजात मिल जायेगा।

12 साल तक के बच्चों का नि:शुल्क इलाज होगा संभव

डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना राज्य सरकार की एक विशेष पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ित खास कर बच्चों का नि:शुल्क व समुचित इलाज सुनिश्चित कराना है। इस योजना के तहत 12 से कम उम्र के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इलाज के साथ-साथ यात्रा, आवास व दवा का खर्च भी सरकार ही वहन करती है।

एक अनुवांशिक विकार है थैलेसीमिया

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि थैलसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार है। थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को जीवनपर्यंत नियमित अंतराल पर खून चढ़ाने की जरूरत होती है। बोनमैरो ट्रांसप्लांट इसका स्थाई समाधान हो सकता है। इसके लिये उपयुक्त डोनर की जरूरत होती है। जो सामन्यत: मरीज के भाई-बहन हो सकते हैं। टेस्ट से यह आसानी से पता लगया जा सकता है कि परिवार में किसका बोनमैरो मरीज से मेल खाता है। ताकि बोनमैरो का ट्रासप्लांट सफलता पूर्वक संपन्न हो सके। यह एक चिकित्सकीय प्रक्रिया है। इसमें क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त अस्थि मज्जा को स्वस्थ अस्थि मज्जा कोशिकाओं में बदल दिया जाता है।

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