बिहार

सुधा डेयरी की ‘जन कल्याण कोष योजना’ का शुभारंभ

फुलवारीशरीफ, अजित। वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (सुधा डेयरी) द्वारा दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के कल्याण के लिए शुरू की गई ‘जन कल्याण कोष योजना’ का भव्य उद्घाटन मंगलवार को दशरथ मांझी सभागार में किया गया. इस अवसर पर संघ की ओर से पीड़ित पशुपालक परिवारों और लाभार्थियों के बीच कुल 30 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार के सचिव सह कॉम्फेड अध्यक्ष श्री शीर्षत कपिल अशोक ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना ही सहकारिता की वास्तविक भावना है. उन्होंने इस जन कल्याण योजना की सराहना करते हुए इसे बिहार के सभी दुग्ध संघों में शीघ्र लागू करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक श्री समीर सौरभ ने कहा कि ‘सुधा’ ब्रांड की असली ताकत ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश किसान हैं. महासंघ संकट की हर घड़ी में किसानों के साथ खड़ा है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध संघ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार ने बताया कि जन कल्याण कोष पूरी तरह सहकारिता की भावना पर आधारित है. इसका उद्देश्य सक्रिय पशुपालकों, दुग्ध समिति से जुड़े कर्मियों तथा उनके परिवारों को असामयिक मृत्यु या दुधारू पशुओं की क्षति की स्थिति में तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

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उन्होंने बताया कि अप्रैल और मई माह में दिवंगत हुए 18 प्रतिबद्ध दुग्ध उत्पादकों एवं समिति अध्यक्षों के आश्रितों को कुल 18 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई. योजना के तहत असामयिक मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके अलावा दुधारू पशुओं की मृत्यु अथवा चोरी की घटनाओं से प्रभावित पशुपालकों को भी राहत दी गई. अप्रैल और मई माह में 48 दुधारू पशुओं के नुकसान के एवज में पशुपालकों के बीच कुल 12 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई. योजना के तहत प्रति पशु 25 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।

संघ के प्रबंध निदेशक रुपेश राज ने कहा कि जन कल्याण योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन किसान परिवारों और उनके पशुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने असमय दुनिया को अलविदा कहा. उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि दुख को कम नहीं कर सकती, लेकिन यह भरोसा अवश्य दिलाती है कि संकट की घड़ी में पूरा दुग्ध संघ परिवार उनके साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ केवल दूध का व्यापार करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि लाखों किसान परिवारों के स्वावलंबन और समृद्धि का मजबूत आधार है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के वरीय प्रबंधक डॉ. पदम वीर सिंह, संघ के निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे. इसके अलावा पटना, सारण और वैशाली जिलों की विभिन्न दुग्ध समितियों के अध्यक्ष, सचिव तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान भी समारोह में शामिल हुए।

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