बिहार

फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में शुरू हुआ सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा

अररिया, रंजीत ठाकुर : जिले में महिलाओं के लिये परिवार नियोजन के क्षेत्र में एक नई व आधुनिक पहल की शुरुआत की गयी है। फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में अब सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। यह सुविधा खास तौर पर उन महिलाओं के लिये वरदान साबित होगी, जो लंबे समय तक गर्भनिरोधक सुरक्षा चाहती तो हैं, लेकिन रोजाना दवा या अस्थायी साधनों के झंझट से बचना चाहती हैं। सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने इसे विशेष पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाएं एक छोटे से इंप्लांट के जरिये तीन से पांच साल तक बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के गर्भावस्था से पूरी तरह सुरक्षित रह सकेंगी।

पूर्णत: सुरक्षित व वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित सबडर्मल इंप्लांट

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि यह इंप्लांट पूरी तरह सुरक्षित व वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित साधन है। जिसे विशेषज्ञ चिकित्सक व प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही लगाते हैं। सबडर्मल इंप्लांट की मदद से महिलाओं को अनचाहे गर्भ को रोकने में मदद मिलेगी। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य मानकों में भी सुधार होगा। दो बच्चों के बीच में पर्याप्त अंतर रखने के लिहाज से भी यह एक उपयोगी साधन साबित होगा। परिवार नियोजन संबंधी लक्ष्य को हासिल करने में भी यह बेहद मददगार साबित होगा।

दूसरे अन्य अस्पतालों में भी जल्द होगा सुविधा का विस्तार

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डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल यह सुविधा अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज में ही उपलब्ध होगा। संबंधित चिकित्सक व नर्सों को इसके लिये जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। आने वाले समय में अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इस सुविधा का विस्तार किया जायेगा। समुदाय स्तर पर इसे लेकर महिलाओं को जागरूक भी किया जायेगा। ताकि इस नई तकनीक का वे ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें।

बेहद सरल सबडर्मल इंप्लांट की प्रक्रिया

स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया के जिला प्रबंधक सत्येंद्र नारायण परिवार नियोजन संबंधी इस नई तकनीक के संबंध में बताया कि सबडर्मल इंप्लांट लगाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे इसे बहुत कम समय में लगाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह दर्दरहित व सुरक्षित है। इससे तीन से पांच वर्षों तक गर्भनिरोधक सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श से इसे कभी भी निकाला जा सकता है।

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