बिहार

टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिये जोकीहाट प्रखंड में चलेगा विशेष अभियान

-जिले के सभी प्रखंडों के चिह्नित पांच पंचायतों में शत-प्रतिशत टीकाकरण मामले की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
-सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिये हाई रिस्क प्रिगनेंसी से जुड़े मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश
-मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये स्वास्थ्य ईकाइयों में उपलब्ध संसाधनों का होगा अनुश्रवण

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जिले के सभी नौ प्रखंडों के कम से कम पांच पंचायतों में शतप्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाना है। जिलाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच द्वारा इसे लेकर की जा रही तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। संबंधित मामले को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करते जिलाधिकारी ने निर्धारित समयसीमा के अंदर चिह्नित पंचायतों में शतप्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करने को लेकर कई जरूरी निर्देश दिये। साथ ही सुरक्षित मातृत्व सहित मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। जानकारी मुताबिक प्रखंडवार 85 फीसदी से अधिक टीकाकरण वाले पंचायतों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी है। जोकीहाट में महज दो पंचायतों में ही अब तक 60 फीसदी उपलब्धि प्राप्त है। इसे लेकर कई दिशा निर्देश जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये हैं।

विशेष अभियान कर जोकीहाट में टीकाकरण को दिया जायेगा बढ़ावा :

कोरोना टीकाकरण से संबंधित मामलों की समीक्षा के क्रम में जिले के अन्य प्रखंडों की तुलना में जोकीहाट प्रखंड का प्रदर्शन कमतर पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जोकीहाट में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिये विशेष टीकाकरण अभियान संचालित किये जाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि प्रखंड के वैसे इलाके जहां अब भी टीकाकरण का प्रतिशत 60 फीसदी से कम है। चिह्नित वैसे स्थानों पर विशेष जागरूकता अभियान का संचालन किया जाये। जीविका, आईसीडीएस संबंधित क्षेत्र की आशा सहित अन्य विभागीय कर्मियों को इसमें शामिल करते हुए टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिये कारगर रणनीति पर अमल किये जाने का निर्देश जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया।

सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिये उठाये जरूरी कदम :

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मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने के लिये जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रिगनेंसी के मामलों को पीएचसी स्तर पर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को सूचीबद्ध कर संबंधित पीएचसी के एमओआईसी व बीएचएम अपने स्तर से इस पर सतत निगरानी रखें। प्रसव के निर्धारित तिथि को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में उनका सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करायी जाये। इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच को गंभीरता से लेते हुए ससमय आईएफए का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने दिया।

स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधन का होगा अनुश्रवण :

बैठक की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ एमपी गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिये जिलाधिकारी द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव पूर्ण जांच के लिये सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिये केयर व पिरामल के प्रतिनिधियों के माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का अनुश्रवण कराया जायेगा। जहां कहीं भी इससे जुड़ी कोई कमी पायी जायेगी उसको तत्काल पूरा किया जायेगा।

दस्त नियंत्रण व कमजोर बच्चों के सेहत की होगी सतत निगरानी :

डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए दस्त नियंत्रण संबंधी उपायों पर खासतौर पर सतर्क रहने को कहा गया है। दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के तहत ओआरएस व जिंक की दवा का वितरण जिले में खासा सफल रहा है। बावजूद इसके सभी आशा कार्यँकर्ताओं प आंगनबाड़ी सेविकाओं को गृह भ्रमण के दौरान दस्त नियंत्रण से जुड़ी किसी तरह की कोई शिकायत आने पर तत्काल बच्चे का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में कराने का निर्देश दिया गया है। इतना ही नहीं इस क्रम में आशा कार्यकर्ता वीक न्यू बोर्न बेबी की सेहत पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। ताकि उनकी सेहत से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सके।

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